scriptGarlic farmers will get the right price in MP | MP में लहसुन के किसानों को मिलेंगे सही दाम, जिलों में लगेंगी ग्रेडिंग मशीन | Patrika News

MP में लहसुन के किसानों को मिलेंगे सही दाम, जिलों में लगेंगी ग्रेडिंग मशीन

- सीएम शिवराज ने की समीक्षा बैठक, जिलों के अफसरों को दिए निर्देश

भोपाल

Published: September 09, 2022 08:12:53 pm

भोपाल। अच्छी उपज होने के बावजूद मध्य प्रदेश के किसानों की परेशानियां खत्म नहीं हो रही है। यहां की मंडियों में लहसुन और प्याज का रेट लागत मूल्य से काफी कम मिल रहा है। मंडी में लहसुन बेचने पर लागत मूल्य तो दूर वाहन के भाड़े के पैसे भी नहीं निकल पा रहे हैं।

grading_machine.png

इन्हीं सब स्थितियों काे देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि लहसुन उत्पादक किसानों को फसल के सही दाम दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। लहसुन उत्पादक किसान संगठित नहीं हैं, इस कारण उनके साथ अन्याय नहीं हो। लहसुन के सही दाम दिलवाने के लिए जिला प्रशासन अपने स्तर पर कार्यवाही करे।

यह बात शिवराज ने सीएम हाउस पर प्रदेश की मंडी समितियों में लहसुन की आवक और उसके मूल्य की स्थिति के संबंध में बैठक में कही। यहां शिवराज ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिले, इस उद्देश्य से मंडियों में ग्रेडिंग की व्यवस्था स्थापित की जाए। साथ ही पश्चिम बंगाल, कर्नाटक सहित जिन राज्यों में लहसुन की मांग रहती है, वहां राज्य सरकार की ओर से प्रतिनिधि-मंडल भेजा जाए।

बैठक में बताया गया कि देवास, धार, मंदसौर, नीमच, रतलाम और उज्जैन की मंडियों में ग्रेडिंग मशीन लगाई जाएगी। जारी वर्ष 2022-23 में अप्रैल से सितम्बर तक की अवधि में मंडियों में लहसुन की आवक गत वर्षों की तुलना में अधिक रही है।

इधर, इंदाैर के किसान ने लहसुन नाले में फेंका-
वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के एक किसान ने शुक्रवार को कहा कि स्थानीय मंडी में अपनी उपज के औने-पौने दाम मिलने के कारण उसने लहसुन को नाले में फेंक दिया है, क्योंकि इसकी खेती उसके लिए घाटे का सौदा साबित हुई।

राज्य का पश्चिमी मध्यप्रदेश हिस्सा लहसुन की खेती का गढ़ माना जाता है। मांग से कहीं ज्यादा आपूर्ति के कारण स्थानीय मंडियों में लहसुन की कीमत गिरने से नाराज किसानों द्वारा अपनी फसल को यहां-वहां फेंककर नष्ट करने के वीडियो इस इलाके से लगातार सामने आ रहे हैं।

इंदौर से 15 किलोमीटर दूर माता बरोड़ी गांव के किसान विकास सिसोदिया का कहना है कि ‘मुझे इंदौर की मंडी में लहसुन का एक रुपये प्रति किलोग्राम का दाम मिल रहा था। इससे लहसुन की उत्पादन लागत, फसल तुड़वाने, इसे भंडारित करने और मंडी तक पहुंचाने का खर्च नहीं निकलता। इसलिए मैंने लहसुन की अपनी फसल को गांव के नाले में फेंकना उचित समझा। ‘

उन्होंने दावा किया कि चार बीघा में लहसुन की खेती से उन्हें कुल मिलाकर तीन लाख रुपये का घाटा झेलना पड़ा है।

वहीं ये बात भी सामने आ रही है कि स्थानीय मंडियों में लहसुन के दाम 50 पैसे प्रति किलोग्राम तक गिर चुके हैं, जबकि एक किलोग्राम लहसुन पैदा करने में किसान को औसतन 20 रुपये की लागत आती है।

उन्होंने कहा, ‘लहसुन उत्पादक किसानों की दुर्दशा की सुध लेते हुए सरकार को पश्चिमी मध्यप्रदेश से इस फसल के निर्यात के इंतजाम तुरंत शुरू करने चाहिए। इस सिलसिले में सरकार की ओर से पहले ही काफी देर चुकी है।‘

सबसे लोकप्रिय

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Weather Update: राजस्थान में बारिश को लेकर मौसम विभाग का आया लेटेस्ट अपडेट, पढ़ें खबरTata Blackbird मचाएगी बाजार में धूम! एडवांस फीचर्स के चलते Creta को मिलेगी बड़ी टक्करजयपुर के करीब गांव में सात दिन से सो भी नहीं पा रहे ग्रामीण, रात भर जागकर दे रहे पहरासातवीं के छात्रों ने चिट्ठी में लिखा अपना दुःख, प्रिंसिपल से कहा लड़कियां class में करती हैं ऐसी हरकतेंनए रंग में पेश हुई Maruti की ये 28Km माइलेज़ देने वाली SUV, अगले महीने भारत में होगी लॉन्चGanesh Chaturthi 2022: गणेश चतुर्थी पर गणपति जी की मूर्ति स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त यहां देखेंJaipur में सनकी आशिक ने कर दी बड़ी वारदात, लड़की थाने पहुंची और सुनाई हैरान करने वाली कहानीOptical Illusion: उल्लुओं के बीच में छुपी है एक बिल्ली, आपकी नजर है तेज तो 20 सेकंड में ढूंढकर दिखाये

बड़ी खबरें

गाय को टक्कर मारने से फिर टूटी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की बॉडी, दो दिन में दूसरी ऐसी घटनाभैंस की टक्कर से डैमेज हुई वंदे भारत ट्रेन, मजबूती पर सवाल उठे तो सामने आया रेलवे मंत्री का जवाबगाज़ियाबाद में दिन-दहाड़े डकैती, कारोबारी की पत्नी-बेटी को बंधक बनाकर 17 लाख के ज़ेवर और 7 लाख रुपए नकद लूटेउत्तरकाशी हिमस्खलन में बरामद किए गए 7 और शव, मृतकों की संख्या बढ़कर 26 हुई, 3 की तलाश जारीNobel Prize 2022: ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट एलेस बियालियात्स्की समेत रूस और यूक्रेन की दो संस्थाओं को मिला नोबेल पीस प्राइजयुद्ध का अखाड़ा बनी ट्रेन! सीट को लेकर भिड़ गईं महिलाएं, जमकर चले लात-घूसे, देखें वीडियोलद्दाख में लैंडस्लाइड की चपेट में आए 3 सैन्य वाहन, 6 जवानों की मौतउत्तर से दक्षिण भारत तक बारिश का अलर्ट, कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में बारिश जारी
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.