डीन ने चिकित्सा शिक्षक संघ के पदाधिकारियों पर कार्रवाई के लिए लिखा पत्र

सहायक प्राध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया के खिलाफ माहौल बिगाडने का आरोप, कार्रवाई की मंजूरी मांगी

भोपाल

राजधानी के गांधी मेडिकल कॉलेज में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां निकलने वाली भर्तियों में लगातार गड़बडियों के मामले सामने आ रहे हैं। पहले जूनियर और सीनियर रेजिडेंट्स की भर्तियों में गडबडियों के आरोप लगे उसके बाद सहायक प्राध्यापकों की भर्तियों में आंतरिक उम्मीदवारों को दरकिनार किए जाने पर बवाल मचा। इस मसले पर फिलहाल हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है। इस बीच जीएमसी की डीन ने चिकित्सा शिक्षा आयुक्त को पत्र लिखकर मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन को पत्र लिखकर कार्रवाई की अनुमति मांगी है। डीन ने कुछ चिकित्सा शिक्षक संघ के पदाधिकारियों पर उनके खिलाफ साजिश कर कॉलेज में अस्थिरता का माहौल निर्मित करने के आरोप लगाए हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जीएमसी की डीन द्वारा लिखे गए पत्र में चिकित्सा शिक्षक संघ के पदाधिकारियों और कुछ डॉक्टरों पर कॉलेज में माहौल खराब करने के साथ ही उनके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया है। पत्र के मुताबिक सहायक प्राध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया नियमानुसार किए जाने के बावजूद कॉलेज में संघ के पदाधिकारियों ने लोगों को भडकाकर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया है। इस भर्ती प्रक्रिया को गलत बताकर मेरे खिलाफ दूसरे डॉक्टरों को भडकाया गया और जनरल बॉडी मीटिंग में मेरे खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के सचिव डॉ. राकेश मालवीय की मुख्य भूमिका है। डीन ने डॉ. मालवीय के खिलाफ कार्रवाई की मंजूरी मांगी है। हालांकि मामले में डीन डॉ कुमार ने कहा है कि उन्होंने इस तरह का कोई पत्र नहीं लिखा है।

गौरतलब है कि इसके पहले भी डीन डॉ अरूणा कुमार और डॉक्टरों के बीच विवाद की स्थिति बनती रही है। करीब डेढ सा पहले तो जूनियर डॉक्टर उन्हें हटाने पर अड़ गए थे। उस समय जूडा से भी डीन का लंबे समय तक विवाद चला था। अंतत: डीन को पद से हटा दिया गया था। अब फिर से एेसे ही हालात गांधी मेडिकल कॉलेज में बनते दिखाई दे रहे हैं।

सुनील मिश्रा
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned