अच्छी खबर: महिलाओं को मिलेगी दो साल की छुट्टी

अच्छी खबर: महिलाओं को मिलेगी दो साल की छुट्टी

Lali Kosta | Publish: Oct, 26 2015 09:29:00 AM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

शिक्षा विभाग में 730 दिन का शिशु देखभाल अवकाश लागू, अभी तक महिलाओं को मेटरनिटी लीव ही मिलती थी, बच्चों को छोड़कर काम पर जाने से होती थी देखभाल की चिंता

(प्रतीकात्मक फोटो)
जबलपुर। अब दुधमुंहे बच्चे को छोड़कर महिलाओं को काम पर नहीं जाना पड़ेगा। वे दो साल तक अपने बच्चे की घर पर रहकर देखभाल कर सकेंगी, वह भी पगार लेते हुए। क्योंकि महिलाओं के संतान देखभाल अवकाश पर राज्य शासन ने मुहर लगा दी है। अब महिला कर्मचारियों को बच्चे की देखभाल के लिए अपने पूरे सेवाकाल के दौरान 730 दिन का अवकाश दिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इसके पालन की कवायद शुरू कर दी है। हालांकि अभी अन्य विभागों ने आदेश न मिलने के चलते अभी तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं की है।
जानकारी के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों के प्राचार्यों, ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा है।  महिलाओं को अभी तक छह माह की मेटरनिटी लीव मिलती थी। अब नए नियमानुसार स्वस्थ्य शारीरिक स्थिति वाली 18 साल तक की उम्र की संतान और नि:शक्त अवस्था वाली 22 साल तक की उम्र की संतान की देखरेख के लिए अवकाश मान्य होगा।
सिर्फ तीन बार 
नियमानुसार एक कैलेंडर वर्ष में तीन बार से ज्यादा अवकाश नहीं मिलेगा। अगर एक दिन के लिए भी अवकाश लिया तो उसे एक बार के रूप में गिना जाएगा। अवकाश अवधि के दौरान महिला शासकीय सेवक को आहरित वेतन के बराबर अवकाश वेतन दिया जाएगा।
सबसे ज्यादा महिलाएं
शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा लगभग 55 फीसदी महिला कर्मी हैं। इसलिए शासन के निर्णय जारी होते ही आदेश का परिपालन कराया जा रहा है।
दिशा निर्देश जारी
संतान देखभाल अवकाश का निर्णय शासन स्तर लिया गया है। अभी तक इस तरह के अवकाश की पात्रता नहीं थी। स्कूलों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
सतीश अग्रवाल, डीईओ

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