सरकार की बड़ी सौगात : बकाया एरियर्स के भुगतान को मिली मंजूरी, इन्हें होगा फायदा

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद सातवें वेतनमान के एरियर के भुगतान से प्रदेश के करीब 5 हजार से ज्यादा सरकारी प्रोफेसरों को लाभ मिलेगा।

By: Faiz

Published: 17 Nov 2020, 08:56 PM IST

भोपाल/ मध्य प्रदेश के महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ की ओर से एरियर के भुगतान को लेकर उच्च शिक्षा विभाग से लगातार की जा रही मांग को विभाग द्वारा मंजूर कर लिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग सरकारी कॉलेजों के सातवें वेतनमान के एरियर का भुगतान करने के लिए राजी हो गया है। विभाग द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद सातवें वेतनमान के एरियर के भुगतान से प्रदेश के करीब 5 हजार से ज्यादा सरकारी प्रोफेसरों को लाभ मिलेगा।

 

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उच्च शिक्षा मंत्री ने कही ये बात

मामले की सहमति जताते हुए उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने कहा कि, जल्द ही सातवें वेतनमान के एरियर की राशि प्रोफेसरों के जीपीएफ खाते में डाल दी जाएगी। इसपर स्वीकृति हो चुकी है। इसके अलावा मंत्री यादव ने ये भी कहा कि, पेंशन विवादों का समाधान निकालने के भी निर्देश दिये जा चुके हैं। बता दें कि, इन भुगतानों को करने से प्रदेश सरकार के कोष से 750 करोड़ रुपये राशि खर्च होगी। वहीं, सातवें वेतनमान की एरियर्स के 50 फीसदी भुगतान राज्य सरकार को वहन करना है, जबकि आधी राशि केन्द्र सरकार द्वारा सीधे खाते में डाली जाएगी।

 

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प्राध्यापकों को भुगतना पड़ रहा नुकसान

आपको बता दें कि, मध्य प्रदेश में सरकारी कॉलेज के प्रोफेसरों को 1 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2019 तक के बीच के एरियर की राशि भुगतान की जानी थी। हालांकि, 2018-19 की सहमति से पहले प्रेफेसरों के जीपीएफ खाते में एरियर के भुगतान के आदेश दिये गए थे। लेकिन, 2019-20 के 7 महीने के गुजरने के बावजूद एरियर की राशि का भुगतान नहीं हो सका है। प्रदेश महाविद्यालयीन प्राध्यापक संग के अध्यक्ष कैलाश त्यागी के मुताबिक, सबसे बड़ी दिक्कत उच्च शिक्षा विभाग और वित्त विभाग के अधिकारियों के बीच समन्वय का अभाव है, जिसका नुकसान प्राध्यापकों को भुगतना पड़ रहा है।

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