सरकारी स्कूल के छात्र भी करेंगे फर्राटेदार अंग्रेजी में बात, स्कूलों में भेजा नया कोर्स

नया प्रयोग : द्विभाषीय किताबों से अंग्रेजी सीखेंगे विद्यार्थी

By: Hitendra Sharma

Published: 29 Jun 2020, 09:25 AM IST

भोपाल। मध्य प्रदेश के शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थी अब द्विभाषीय किताबों से अंग्रेजी सीखेंगे। प्राथमिक-माध्यमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को अंग्रेजी से परिचय कराने एवं आम बोलचाल के शब्द, वाक्य सिखाने के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र ने 10 किताबों का सेट रीड फॉर फन तैयार किया है। इन सेट्स को स्कूलों में पहुंचाने सभी जिलों को भेज दिया है।

प्रदेश के शासकीय 83 हजार प्राथमिक और 43 हजार माध्यमिक विद्यालयों में तीन लाख विद्यार्थी पढ़ते हैं। इनको हिंदी के साथ अंग्रेजी तो पढ़ाई जाती है, लेकिन अधिकांश विद्यार्थी अंग्रेजी ठीक से पढ़ नहीं पाते। विद्यार्थियों का अंग्रेजी का स्तर सुधारने राज्य शिक्षा केन्द्र ने 10 किताबों का सेट रीड फॉर फन तैयार किया है। इससे बाइलिंगुअल बुक्स लेवल फाइव को पाठ्य पुस्तक निगम के माध्यम से प्रकाशित कराकर प्रत्येक जिले में भेज दिया गया है।

प्रत्येक शाला को किताबों के दो सेट दिए जाएंगे। इसके तहत शिक्षकों को विद्यालय में रीडिंग कार्नर बनाना होगा, जहां से विद्यार्थियों के समूह को किताबें दी जाएंगी, जिन्हें पढ़कर वे अपनी भाषा और उच्चारण को सुधार सकेंगे।

हालांकि सरकार के इस प्रयोग को शिक्षाविद उपयोगी नहीं मान रहे हैं वरिष्ठ शिक्षाविद अनिल सद्गोपाल के अनुसार किताबें प्राथमिक कक्षा के बच्चों के लिए फायदेमंद साबित नहीं होंगी। यदि इन्हें माध्यमिक और उच्च कक्षा में लागू किया जाता तो यह मदद भी कर पाती। हमारे विद्यार्थियों की मातृभाषा कमजोर है। पांचवी के बच्चे ठीक से किताब नहीं पढ़ पाते हैं। जो शिक्षा मातृभाषा में होगी वही सबसे बेहतर होगी। इन सबके साथ विद्यालयों में सुधार और गैरशैक्षणिक कार्य से मुक्त विषय के शिक्षण उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। जब बच्चे अपनी भाषा अच्छे से सीख लेंगे तो वे अंग्रेजी भी सीख लेंगे। लेकिन इन सब मौलिक कदमों के बजाए अधिकारी नए-नए प्रयोग करने में लगे हुए हैं।

वही राज्य शिक्षा केंद्र इस नये प्रयोग को लेकर उत्साहित है राज्य शिक्षा केन्द्र पीआरओ अमिताभ अनुरागी के अनुसार काफी शोध के बाद राज्य शिक्षा केन्द्र ने इन किताबों का सेट तैयार किया है। यह अपने आप में अनूठा प्रयोग है। इन किताबों के सेट को प्रदेश भर के स्कूलों में भेजा जा रहा है, जो कि विद्यार्थियों को अंग्रेजी सीखने में बेहद सहायक होंगी।

वही इस मामले पर शिक्षक कांग्रेस महामंत्री अशुतोष पांडेय का कहना है कि अंग्रेजी भाषा का उच्चारण अलग है, ऐसे में द्विभाषी किताबों से ज्यादा मदद मिलेगी ऐसा लगता नहीं है। स्कूलों में विषयवार शिक्षक नहीं होने से अंग्रेजी का अध्ययन कराने में दिक्कत होती है। अंग्रेजी का अध्ययन जानकार शिक्षक से कराया जाए।

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