आईटी इंजीनियर और युवा वैज्ञानिकों को रियायती दर पर कर्ज देगी सरकार

- पांच साल के लिए एक लाख युवाओं को मिलेगा कर्ज

भोपाल। युवा वैज्ञानिकों और आईटी के क्षेत्र में रोजगार स्थापित करने के लिए सरकार रियासती दर पर कर्ज देगी। यह कर्ज पांच साल के लिए मिलेगा। इसके लिए सूचना प्रौद्योगिकी और सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग मिलकर कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। योजना का खाका तैयार होने के साथ ही युवाओं को इसका लाभ मिलने लगेगा।

विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने युवाओं से यह वादा किया था कि सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सेवाओं का विस्तार कर जिला स्तर पर सूचना प्रौद्योगिकी केन्द्र विकसित किए जाएंगे। इसी वचन को पूरा करने के लिए एक लाख बेरोजगारों को रियायती दर पर कर्ज देने की योजना है। युवाओं का चयन जिला स्तर पर होगा।

योजना के तहत युवाओं को कम ब्याज पर कर्ज मिलेगा। शेष राशि की भरपाई राज्य सरकार करेगी। प्रयास यही है कि अधिक से अधिक युवा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े। इस क्षेत्र में नए-नए शोध कार्य हों। इस क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित हों। ऐसे में युवा उद्यमी बनने के साथ लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा सकेंगे।

प्रदेश के युवाओं को ही मिलेगा लाभ -

तैयार किए जा रहे खाका के तहत योजना का लाभ मध्यप्रदेश के निवासी युवाओं को ही मिलेगा। आवेदक को कम से कम दसवीं पास होना जरूरी होगा। साथ ही आवेदक की उम्र 40 साल से ज्यादा नहीं होना चाहिए। अगर वह इससे पहले कर्ज ले चुका है और इसे चुकाया नहीं है तो वह इस योजना का लाभ नहीं ले सकेगा।

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से जोडऩे की तैयारी -

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के इस वचन को सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग के साथ मिलकर पूरा किया जाना है। इसलिए इसे एमएसएमई विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से जोडऩे की तैयारी है। इसके तहत मैन्युफैचरिंग या सर्विस से जुड़े उद्योग स्थापित करने के लिए राज्य सरकार वित्तीय सहायता देती है। इस योजना में भी युवाओं को ऐसी ही मदद दिए जाने की तैयारी है। योजना के तहत उद्योग स्थापित करने के लिए मार्जिन मनी, ब्याज अनुदान, कर्ज की गारंटी और टेनिंग सरकार देती है।

युवाओं को रियायती दर पर कर्ज दिए जाने का वचन पूरा किया जा रहा है। प्रयास यही है कि अधिक से अधिक युवाओं को इसका लाभ मिले।
- पीसी शर्मा, मंत्री विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

दीपेश अवस्थी Reporting
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