एक किस्साः दो लड़कियों को बचाने नर्मदा में कूद गई थीं आनंदीबेन, ऐसे बनी टीचर से गवर्नर

मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के जन्म दिवस के मौके पर पेश है वो दिलचस्प किस्सा, जिसके बाद वे राजनीति में आ गई थीं...।

By: Manish Gite

Published: 21 Nov 2020, 12:52 PM IST

भोपाल। मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का शनिवार 21 नवंबर को जन्म दिवस है। मध्यप्रदेश में उनके जन्म दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई बड़े नेताओं ने शुभकामना संदेश दिए हैं।

patrika.com राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के जन्म दिवस के मौके पर आपको बता रहा है उनसे जुड़ा वो किस्सा, जिसके कारण वे राजनीति में आई थीं...।

मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एक तेजतर्रार, सख्त और कुशल प्रशासक है। सख्त नेतृत्व के कारण ही उन्हें 'आयरन लेडी' की संज्ञा मिली थी। राजनीति में आने से पहले वे एक स्कूल में शिक्षक थीं। शिक्षक रहते हुए उन्हें राष्ट्रपति की ओर से सम्मानित भी किया जा चुका है। एक शिक्षक ने अपने कुशल नेतृत्व के दम पर गुजरात की मुख्यमंत्री और अब मध्यप्रदेश की राज्यपाल तक का सफर तय किया है।

 

Anandiben Patel

एक दुर्घटना ने बना दिया राजनेता

  • आनंदीबेन के पति मफतभाई पटेल मनोविज्ञान के प्रोफ़ेसर व भारतीय जनता पार्टी नेता थे। उनकी वजह से वह राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ व भाजपा के संपर्क में आई। वह 1987 में औपचारिक तौर पर भाजपा में शामिल हुई और उन्हें पार्टी की महिला मोर्चा की जिम्मेदारी सौंपी गई।
  • आनंदी बेन का राजनीति में प्रवेश 1987 में स्कूल पिकनिक के दौरान एक दुर्घटना की वजह से हुआ। जब वे अहमदाबाद के मोहिनीबा कन्या विद्यालय में प्रधानाचार्य थीं। बच्चों को पिकनिक पर ले गई तीं। इसी दौरान दो छात्राएं नर्मदा नदी में गिर गईं। उन्हें डूबता देख आनंदीबेन ने भी उफनती नदी में छलांग लगा दी और दोनों को जिंदा बाहर निकाल कर ले आईं। इस घटना के बाद आनंदीबेन को राज्य सरकार ने वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया था। उस समय आनंदीबेन के पति मफतभाई पटेल गुजरात भाजपा के कद्दावर नेता थे और वे नरेंद्र मोदी के दोस्त थे। तब मोदी और शंकरसिंह वाघेला ने उन्हें भाजपा से जुड़ने और महिलाओं को पार्टी के साथ जोड़ने के लिए प्रेरित किया। बस उसी साल गुजरात प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष बनकर आनंदीबेन भाजपा में शामिल हो गईं। उस दौर में भाजपा के पास कोई मजबूत महिला नेता नहीं था।
  • इस घटना के बाद आनंदीबेन एक निडर नेता के तौर पर दुनिया के सामने आईं। साल 2014 में जब मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने जा रहे थे, तब आनंदीबेन पटेल को गुजरात की सत्ता सौंप गए थे। आनंदीबेन को ही गुजरात की पहली महिला होने का गौरव हासिल है।

Mp Governor Anandiben Patel visit in datia today

700 छात्रों में इकलौती लड़की

  • 21 नवम्बर 1941 में उत्तरी गुजरात के खरोड़ गांव में जन्मी आनंदी बेन के बारे में बताया जाता है कि वे ऐसे स्कूल में पड़ती थीं, जहां वे अकेली छात्रा थीं और बाकी 700 छात्र पढ़ते थे।
  • उन्होंने स्नातक भी ऐसे कॉलेज से किया, जहां वह इकलौती छात्रा थी।
  • 1970 से 2000 तक मोहनीबा विद्यालय में प्राइमरी टीचर भी रहीं।
  • आनंदीबेन 1987 में औपचारिक तौर पर भाजपा में शामिल हुई और उन्हें पार्टी की महिला मोर्चा की जिम्मेदारी सौंपी गई।
  • उन्हें पहली बार तब पहचान मिली, जब 1992 में वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने श्रीनगर में एकता यात्रा के दौरान तिरंगा फहराया। उस यात्रा के दौरान वह अकेली महिला नेता थी।
  • दो साल बाद 1994 में वह राज्यसभा सदस्य बनीं। 1998 में वह पहली बार मंडल विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुनी गई।
  • केशूभाई पटेल की सरकार में वह शिक्षा मंत्री के साथ ही बाल व महिला कल्याण मंत्री भी रही। इसके बाद वह लगातार विधायक रही। इस दौरान उनके पास राजस्व, शिक्षा व शहरी विकास जैसे मंत्रालयों की जिम्मेदारी रही।
BJP pm modi Narendra Modi
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