राज्यपाल प्रहलाद लोधी मामले में ले सकते हैं ये बड़ा फैसला !

- राज्यपाल ने सुप्रीमकोर्ट के लोकप्रहरी आदेश का हवाला देते हुए आयोग से मांगी है राय

भोपाल। भाजपा के प्रहलाद लोधी की विधायकी के मामले में राज्यपाल लालजी टंडन कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं, इसमें इनकी सदस्यता बहाली भी शामिल है। यह चुनाव आयोग की राय के बाद ही होगा। राज्यपाल ने लोकप्रहरी केस का हवाला देते हुए चुनाव आयोग से परामर्श मांगा है।

विशेष न्यायालय से लोधी को दो साल की सजा होने पर विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दी थी। लोधी को विशेष न्यायालय के निर्णय पर हाईकोर्ट से स्टे मिल चुका है, इसलिए वे चाहते हैं कि उनकी सदस्यता बहाली हो। लोधी ने भाजपा नेताओं के साथ राज्यपाल से मुलाकात कर न्याय की गुहार की।

उन्होंने सुप्रीमकोर्ट के लोक प्रहरी के मामले में वर्ष 2018 में दिए गए फैसले का हवाला भी दिया है। इसमें कहा गया है कि किसी सदस्य को सजा मिलने के साथ ही उसकी सदस्यता समाप्त होगी और यदि उसकी सजा पर स्थगन मिलता है तो उसकी सदस्यता भी बहाल हो जाएगी।

राज्यपाल ने धारा 192 का किया उपयोग -

राज्यपाल को संविधान की धारा 192 के तहत अधिकार है कि यदि किसी सदस्य की सदस्यता समाप्त होती है तो वह इस धारा का उपयोग करते हुए भारत निर्वाचन आयोग से अभिमत मांग सकता है। इसी का उपयोग करते हुए राज्यपाल ने चुनाव आयोग से अभिमत मांगा है। आयोग का अभिमत लोधी के पक्ष में आने पर राज्यपाल स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर उनकी सदस्यता बहाल कर सकते हैं।

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दीपेश अवस्थी
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