राज्यपाल बोले- विश्वविद्यालयों में समय पर हो परीक्षा, शैक्षणिक कैलेंडर की करें निगरानी

राज्यपाल ने की निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग की समीक्षा

भोपाल. राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सोमवार को कहा कि निजी विश्वविद्यालयों में छात्र हित संरक्षण में विनियामक आयोग प्रभावी भूमिका निभाएं। समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी होनी चाहिए। निराकरण समय-सीमा में हो। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का निजी विश्वविद्यालयों में प्रभावी क्रियान्वयन होना चाहिए।
राज्यपाल पटेल ने यह निर्देश राजभवन में निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग की समीक्षा करते हुए दिए। उन्होंने कहा, आयोग निजी विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक कैलेंडर की निगरानी करे। यह सुनिश्चित किया जाए कि परीक्षाएं समय पर हों। मूल्यांकन कार्य निर्धारित समय में पूरा होना चाहिए। परीक्षाओं के परिणाम भी निर्धारित समय पर घोषित हों।
उन्होंने कहा, विश्वविद्यालयों में पढऩे वाले छात्र-छात्राओं की संख्या और उसकी तुलना में प्लेसमेंट की स्थिति की जानकारी भी वर्षवार संधारित की जाए। सभी विश्वविद्यालयों में प्लेसमेंट सेल का गठन होना चाहिए। उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों, कार्यरत शिक्षकों की समस्या समाधान की ऑनलाइन व्यवस्था किए जाने की भी जरूरत बताई।

नामांकन अनुपात बढ़ाने के प्रयास हों
राज्यपाल पटेल ने सकल नामांकन अनुपात को बढ़ाने के प्रयासों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों और वर्गों में उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात कम है, उसे बढ़ाने के प्रयास किए जाएं।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने पर जोर
उन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान केन्द्रित किए जाने की जरूरत बताई। उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के लिए विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग करने के लिए निर्देशित किया।

ये निर्देश भी दिए

  • राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में वर्तमान पाठ्यक्रमों में सुधार, अनुसंधान और नवाचार पर ध्यान दिया जाए।
  • उद्योगों, निजी परोपकारी संस्थानों द्वारा छात्रवृत्ति फंड स्थापित कराने, ऑनलाइन माध्यम से पाठ्यक्रम संचालन द्वारा वंचित और नि:शक्त छात्रों के लिए शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों पर बल दिया जाना चाहिए।
  • फैकल्टी अप-स्किल्स एंड मोटिवेशन के कार्यों को विस्तारित कराने पर फोकस हो।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार, वर्तमान पाठ्यक्रमों के साथ अंत: विषय, पाठ्यक्रमों को जोडऩे के प्रभावी प्रयास किए जाएं। निजी विवि को इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार और उच्च ग्रेडिंग हासिल करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
रविकांत दीक्षित
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