scriptGovt should give the cost price of garlic and onion to the farmers | दोगुनी आय का जुमला छोड़, लहसुन-प्याज का लागत मूल्य ही किसानों को दे दे सरकार | Patrika News

दोगुनी आय का जुमला छोड़, लहसुन-प्याज का लागत मूल्य ही किसानों को दे दे सरकार

किसानों को फसल का उचित मूल्य नहीं मिला तो किसानों के साथ आंदोलन करेगी कांग्रेस

भोपाल

Published: September 23, 2022 10:14:00 pm

भोपाल। किसानों को फसल के उचित दाम (price) नहीं मिलने से आंदोलित किसानों को कांग्रेस का साथ मिल गया है। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में लहसुन-प्याज (onion) की बोरियां लेकर पहुंचे कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने मीडिया से चचार् करते हुए कहा कि प्रदेश के किसान लहसुन और प्याज 50 पैसे प्रति किलो के भाव पर बेचने के लिए मजबूर हैं। कुछ तो अपने खून पसीने से उगाई हुई फसल को नदी नालों में बहा रहा है। मंडी में अपनी फसल लेकर आने वाले किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है।
दोगुनी आय का जुमला छोड़, लहसुन-प्याज का लागत मूल्य ही किसानों को दे दे सरकार
दोगुनी आय का जुमला छोड़, लहसुन-प्याज का लागत मूल्य ही किसानों को दे दे सरकार
उन्होंने कहा कि किसानों को उचित दाम नहीं मिला तो कांग्रेस किसानों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी।उन्होंने कहा कि 50 से 100 रुपए की बोरी लहसुन-प्याज की बिक रही है और रजिस्टर में एंटी 325 रुपए की जा रही है। किसानों को प्याज खरीदी की रसीद तक नहीं दी जा रही। सरकार सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी कर रहे हैं। एक बीघा में 35 से 40 मजदूर लगते हैं और एक क्विंटल में 40 हजार की लागत लगती है। सरकार अपनी नीति और नियत को छोडे़, किसानों के साथ न्याय करे और उचित दाम पर प्याज-लहसुन की खरीदी करे।
वहीं कृषि मंत्री कहते हैं मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जिसने किसानाें की आय दोगुनी की है, उस मंत्री को एक पल भी मंत्री पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है, जो किसानों के जले पर मरहम लगाने के बजाय, उनके जले पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं।
चौधरी ने कहा कि वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी किसानों की आय दोगुनी की जायेगी। किसान की आय दुगनी करना तो दूर किसान को अपनी फसल का लागत मूल्य तक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मंडी प्रशासन पर आरोप लगाते हुए सरकार से मांग की है कि सरकार को प्याज एवं लहसुन का समर्थन मूल्य घोषित करना चाहिए, ताकि किसान को इसका लाभ मिल सके और किसानों को नुकसान ना उठाना पड़े। उन्होंने तंज कसा कि सरकार (Government) करोड़ों रुपए खर्च करके अफ्रीका से प्लेन से चीते मध्यप्रदेश में आ सकते हैं, परंतु किसान के खेत में यूरिया नहीं पहुंचा सकती।

सबसे लोकप्रिय

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Weather Update: राजस्थान में बारिश को लेकर मौसम विभाग का आया लेटेस्ट अपडेट, पढ़ें खबरTata Blackbird मचाएगी बाजार में धूम! एडवांस फीचर्स के चलते Creta को मिलेगी बड़ी टक्करजयपुर के करीब गांव में सात दिन से सो भी नहीं पा रहे ग्रामीण, रात भर जागकर दे रहे पहरासातवीं के छात्रों ने चिट्ठी में लिखा अपना दुःख, प्रिंसिपल से कहा लड़कियां class में करती हैं ऐसी हरकतेंनए रंग में पेश हुई Maruti की ये 28Km माइलेज़ देने वाली SUV, अगले महीने भारत में होगी लॉन्चGanesh Chaturthi 2022: गणेश चतुर्थी पर गणपति जी की मूर्ति स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त यहां देखेंJaipur में सनकी आशिक ने कर दी बड़ी वारदात, लड़की थाने पहुंची और सुनाई हैरान करने वाली कहानीOptical Illusion: उल्लुओं के बीच में छुपी है एक बिल्ली, आपकी नजर है तेज तो 20 सेकंड में ढूंढकर दिखाये

बड़ी खबरें

अशोक गहलोत का ऐलान, नहीं लड़ेंगे कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव, बोले- दो दिन पहले हुई घटना से बहुत आहतटी20 वर्ल्ड कप से पहले भारत को बड़ा झटका, चोट के चलते जसप्रीत बुमराह टूर्नामेंट से बाहर हुएमहिलाओं के हक में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला- विवाहित की तरह अविवाहित को भी गर्भपात का अधिकारसोशल मीडिया पर भी लगाम, प्रतिबंध के बाद अब PFI का ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट भी हुआ बंदअंकिता भंडारी मर्डर केस में आरएसएस नेता पर दर्ज हुआ मुकदमा, जानिए क्या है पूरा मामलाBihar News: IAS हरजोत की बढ़ी मुश्किलें, अपने 'कंडोम' वाले बयान पर फंसी ऑफिसर, NCW ने सात दिन में मांगा जवाबजम्मू-कश्मीर: उधमपुर धमाके की जांच के लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट के NIA की टीम रवाना, आतंकी साजिश की आशंका'हिम्मत हैं तो बिहार में RSS पर बैन लगाकर दिखाए', संघ पर प्रतिबंध लगाने की मांग पर गिरिराज सिंह ने लालू यादव को दी चुनौती
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.