1 जून से ग्राम बंद आंदोलन, कक्का जी बोले इस दौरान शहर ना जाए किसान

1 जून से ग्राम बंद आंदोलन, कक्का जी बोले इस दौरान शहर ना जाए किसान

KRISHNAKANT SHUKLA | Publish: Apr, 17 2018 02:55:14 PM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

mandsaur kisan andolan 2017 में मृतक किसानों की आत्मशांति के लिए होगा ग्राम बंद आंदोलन, देशभर के 60 संगठन हुए शामिल

भोपाल. मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में पिछले साल 2017 में हुए किसान गोलीबारी को लेकर 1 जून से 10 जून तक ग्राम बंद आंदोलन किया जाएगा। ग्राम बंद आंदोलन के दौरान गांव से फल सब्जी दूध अनाज कुछ भी शहर में नहीं आएगा। गांव वालों से आवाहन किया गया है कि वह आंदोलन के दौरान शहर ना जाए।

आंदोलन में महाराष्ट्र के संगठन होंगे शामिल

शिवकुमार शर्मा कक्का जी ने बताया कि राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के प्रस्ताव पर राष्ट्रीय किसान महासंघ द्वारा किए जा रहे इस ग्राम बंद आंदोलन में देशभर के 60 संगठन शामिल होंगे। इसमें महाराष्ट्र के कई संगठन शामिल है। उन्होंने कहा कि 6 जून को मंदसौर में निर्दोष किसानों को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस लिए 1 जून से 10 जून तक मध्यप्रदेश के हर जिले में श्रृद्धांजलि सभा और उनकी आत्मा शांति के लिए हवन आदि पूरे देश में किए जाएंगे।

सब्जियों की हो सकती है किल्लत
ग्राम बंद आंदोलन को लेकर जानकारों का कहना है कि इस आंदोलन से मंहगाई तो बढ़ेगी ही, साथ ही किसानों को भी घाटा होगा। शहर में सब्जी, दूध और आनाज जैसे खाद्य पदार्थ समय पर नहीं पहुंचेगा। व्यापारी पहले से रखे माल को मनमानी तरीके से मंहगें दामों में बेचेंगे। इससे शहर में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे स्थिती में सरकार को अन्य विकल्पों का सहारा लेना पड़ेगा।

आंदोलन में देशभर के 60 संगठन शामिल
मंदसौर में किसानों पर हुई गोली बारी में मृतक किसानों की शान्ति के लिए किसान महासंघ के प्रस्ताव पर देशभर के 60 संघटनों को जोडा गया है। ये बात शिवकुमार शर्मा कक्का जी ने ग्राम बंद आंदोलन का ऐलान करते समय कही। कक्का जी बोले कि 1 जून से 10 जून तक यह आंदोलन चलेगा, इसमें सभी किसान संगठन शामिल होंगे।

विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा असर
बतादें की इसी साल 2018 में मध्यप्रदेश विधानसभा के चुनाव होने को है, ऐसी स्थिती में ग्राम बंद आंदोलन से वोटों की राजनीति होगी। जानकारों का कहना है कि इस बार के चुनाव में पक्ष को मेहनत करने की जरूरत होगी। वहीं विपक्ष इस आंदोलन का लाभ भी लेंगे।

मंदसौर में पांच किसानों की हुई थी मौत

दरअसल, साल 2017 में मध्य प्रदेश के mandsaur kisan andolan मंदसौर में किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर फायरिंग हुई थी, आंदोलन समर्थकों, पुलिस, सीआरपीएफ व विशेष बल के बीच हिंसात्मक झड़प हुई। किसानों को रोकने के लिए फायरिंग की गई, जिसमें पांच किसानों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए थे, कलेक्टर का कहना है कि पुलिस या सीआरपीएफ की फायरिंग में किसानों की मौत नहीं हुई थी। जिसको लेकर इस साल 2018 में राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के प्रस्ताव पर मृतक किसानों की आत्मा की शांति के लिए पूरे देश में हवन पूजन किया जाएगा।

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