MP में हो सकती है दवाओं की कमी, जानिए क्या है वजह

MP में हो सकती है दवाओं की कमी, जानिए क्या है वजह
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alka jaiswal | Publish: Jun, 16 2017 03:05:00 PM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

मध्य प्रदेश में जल्द ही दवाओं की कमी हो सकती है। जीएसटी लागू होने के बात से ही मार्केट में बहुत से बदलाव देखने को मिल रहे हैं।


भोपाल। मध्य प्रदेश में जल्द ही दवाओं की कमी हो सकती है। जीएसटी लागू होने के बात से ही मार्केट में बहुत से बदलाव देखने को मिल रहे हैं। ऐसा ही बड़ा बदलाव मेडिसिन में भी देखने को मिल रहा है। दवाओं पर लगने वाले 12 प्रतिशत जीएसटी टैक्स के चलते हो सकता है कि इस महीने के अंत से आपको मार्केट में दवा मिलना मुश्किल हो जाए। आपको बता दें कि जीएसटी का सीधा असर दवा निर्माता कंपनियों, स्टॉकिस्ट और रिटेलर पर पड़ रहा है जिसके चलते पुराने स्टॉक को पहले खत्म करने का फैसला लिया गया है।

इस फैसले के चलते स्टॉकिस्ट इस महीने दवाओं का स्टॉक नहीं निकालेंगे। बताया जा रहा है कि जुलाई में जीएसटी लागू होने के बाद ही दवाओं का नया स्टॉक जारी किया जाएगा। आपको बता दें कि दवा निर्माता कंपनियों की हुई एक बैठक में दवाओं पर 5 प्रतिशत जीएसटी करने की मांग की गई है। अगर ये मांग पूरी हो जाती है तो जुलाई से दवाई सस्ती हो सकती हैं।


जीएसटी के लागू होने पर होंगे ये बदलाव
दवाओं के स्टॉक पर मैन्युफेक्चरर लेवल पर अभी तक 9 प्रतिशत टैक्स देना पड़ता था, लेकिन जीएसटी के लागू होने के बाद ये टैक्स 9 प्रतिशत से बढ़कर 12 प्रतिशत हो जाएगा। इस 3 प्रतिशत के अंतर को कैसे पूरा किया जाएगा, समस्या दवा निर्माता कंपनियों के सामने ये बड़ा सवाल है।

दवाओं का ऐसे निर्धारित होगा रेट
जीएसटी के लागू होने के बाद एनपीपीए को दवाओं के रेट निर्धारित करने की जिम्मेदारी दी गई है। आपको बता दें कि इंडियन ड्रग मैन्युफेक्चरर एसोसिएशन ने एनपीपीए के अध्यक्ष से दवाओं के स्टॉक के रेट में 3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करने की बात कही है।

टैक्स के बढ़ने से ये होगा असर
-  कैंसर, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ और दूसरी लाइफ सेविंग ड्रग्स करीब 568 हैं जिनके एनपीपीए द्वारा रेट निर्धारित किये जा चुके हैं। जीएसटी के कारण टैक्स में आई बढ़ोत्तरी इन दवाओं को महंगी कर सकती है।

- टैक्स में होने जा रहे इस बदलाव के चलते दवा स्टाकिस्टों ने दवा कंपनियों को आर्डर देना कम कर दिया है। बताया ये भी जा रहा है कि इस महीने के अंत तक दवाओं के आर्डर पूरी तरह बंद कर दिये जाएंगे जिससे कि जल्द ही मार्केट में दवाओं की कमी हो सकती है।


5 प्रतिशत जीएसटी की मांग हुई पूरी तो ये होगा फायदा
सरकार से की गई जीएसटी को 5 प्रतिशत करने की मांग अगर पूरी कर दी जाती है तो जनता के साथ-साथ दवा निर्माता कंपनियों को भी बहुत फायदा होगा। सिर्फ इतना ही नहीं, इस बदलाव से स्टॉकिस्ट और रिटेलर भी काफी फायदे में रहेंगे।

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