संयोग: 39 साल पहले पिता थे आमने-सामने, अब रणक्षेत्र में बेटों के बीच है मुकाबला

संयोग: 39 साल पहले पिता थे आमने-सामने, अब रणक्षेत्र में बेटों के बीच है मुकाबला

Pawan Tiwari | Publish: Apr, 17 2019 03:49:23 PM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

संयोग: 39 साल पहले पिता थे आमने-सामने, अब रणक्षेत्र में बेटों के बीच है मुकाबला

भोपाल. आज के दौर में सियासी भाषणों में अक्सर इतिहास का जिक्र किया जाता है लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में 39 साल बाद एक बार फिर से इतिहास की पुनारावृत्ति हुई है। मध्यप्रदेश के ग्वालियर लोकसभा सीट पर 39 साल बाद एक बार फिर से दो परिवार आमने-सामने हैं। एक भाजपा का उम्मीदवार है तो दूसरा कांग्रेस का। बता दें कि मध्यप्रदेश की ग्वालियर लोकसभा सीट से इस बार भाजवा ने विवेक शेजवलकर को टिकट दिया है वहीं, कांग्रेस ने चौथी बार अशोक सिंह को उम्मीदवार बनाया है।


39 साल बाद क्या संयोग
39 साल बाद ग्वालियर लोकसभा सीट पर अजीब संयोग बना है। 1980 के लोकसभा चुनाव में ग्वालियर लोकसभा सीट पर जनता पार्टी ने नारायण कृष्ण शेजवलकर को उम्मीदवार बनाया था। वहीं, कांग्रेस की तरफ से राजेन्द्र सिंह को उम्मीदवार बनाया गया था। नारायण कृष्ण शेजवलकर भाजपा के मौजूदा उम्मीदवार विवेक नारायण शेजवलकर के पिता था वहीं, राजेन्द्र सिंह कांग्रेस उम्मीदवार अशोक सिंह के पिता हैं। 39 साल पहले पिता के बीच लड़ाई थी अब 39 साल बाद 2019 में दोनों नेताओं के बेटे एक दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं।


दो बार सांसद रहे नारायण कृष्ण शेजवलकर
शेजवलकर ने 1980 के चुनाव में अशोक सिंह के पिता राजेन्द्र सिंह को करीब 25 हजार वोट से चुनाव जीते थे। इससे पहले नारायण कृष्ण शेजवलकर 1977-80 तक सांसद रहे थे। 1991 के लोकसभा चुनाव में नारायण कांग्रेस के माधवराव सिंधिया से लगभग 1 लाख वोटों से हार गए थे।

अब बेटों के बीच मुकाबला
इस बार नारायण कृष्ण शेजवलकर के बेटे विवेक शेजवलकर भाजपा से और राजेंद्र के बेटे अशोक सिंह कांग्रेस से उम्मीदवार हैं। विवेक नारायण शेजवलकर का यह पहला लोकसभा चुनाव है इससे पहले वो दो बार ग्वालियर के मेयर निर्वाचित हो चुके हैं। वहीं, अशोक सिंह चौथी बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। इससे पहले उन्हें तीनों चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है। अब इस बार एक-बार फिर इन दोनों परिवार के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा।


संघ में गहरी पैठ रखते थे नारायण शेजवलकर
विवेक शेजवलकर के पिता नारायण कृष्ण शेजवलकर दो बार सांस रहे। संघ (आरएसएस) में गहरी पैठ थी उनकी। वहीं, राजेंद्र प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे-अशोक सिंह के पिता राजेंद्र सिंह 1980 में लोकसभा चुनाव हारने के बाद वर्ष 2003 में विधानसभा का चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। हालांकि राजेंद्र 1972 में ग्वालियर ग्रामीण से विधानसभा चुनाव जीते थे। वे 1975 से 1977 तक प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे।

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