रेलवे की मनमर्जी: बिना सूचना बंद कर दिया इस स्टेशन का प्लेटफार्म नंबर 5

रेलवे की मनमर्जी: बिना सूचना बंद कर दिया इस स्टेशन का प्लेटफार्म नंबर 5

Yogendra Sen | Publish: Jan, 14 2018 09:52:38 AM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

हबीबगंज रेलवे स्टेशन : दो दिन परेशान रहे यात्री, आज दोपहर 12 बजे बाद चालू होगा आवागमन...

भोपाल. रेलवे की एक लापरवाही ने हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर आने वाले सैकड़ों यात्रियों को परेशानी में डाल दिया। स्टेशन पर निर्माण कार्य के लिए रेलवे ने प्लेटफार्म नंबर पांच को दो दिन के लिए बंद कर दिया, लेकिन इसकी कोई सूचना नहीं दी गई।

यही नहीं प्लेटफार्म नंबर पांच से जाने वाली ट्रेनों को एक नंबर और आने वाली अधिकतर ट्रेनों को दो नंबर पर शिफ्ट किया गया। रेलवे की इस गफलत के चलते पिछले दो दिन से यात्री एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर दौड़ लगाते रहे।जानकारी के अनुसार प्लेटफार्म नंबर पांच की तरफ बनाए जा रहे सब-वे के लिए गार्डर डाला जाना है। इसके लिए रेलवे ने 12 जनवरी की दोपहर 12 बजे से १14 जनवरी दोपहर 12 बजे तक के लिए प्लेटफार्म पर ट्रेनों के आवागमन पर रोक लगा दी।

इंटरसिटी-जनशताब्दी एक पर, बाकी दो नंबर पर
जानकारी के अनुसार पांच नंबर से जाने वाली हबीबगंज-इंदौर इंटरसिटी और जनशताब्दी को प्लेटफार्म नंबर एक पर शिफ्ट किया, जबकि प्लेटफार्म नंबर पांच पर आने वाली भोपाल एक्सप्रेस, रेवांचल एक्सप्रेस और दाहोद पैसेंजर को प्लेटफार्म नंबर दो पर लाया गया। एेसे में प्लेटफार्म नंबर पांच पर आने की उम्मीद लगाए यात्रियों को अपना भारी-भरकम सामान ढोना पड़ा।

स्टेशन पर किए जा रहे निर्माण कार्य के चलते प्लेटफार्म पर दो दिन के लिए ट्रेनों के आवागमन पर रोक लगाई गई है। रविवार की दोपहर १२ बजे यह रोक हटा दी जाएगी। सूचना नहीं दिए जाने की गलती रेलवे से हुई है। अगली बार से पूर्व में ही सूचना दे दी जाएगी।
- शोभन चौधुरी, डीआरएम भोपाल रेल मंडल

इस बार भी अटक सकती है नई ट्रेनों की मांग:
रेल और आम बजट आने में लगभग 15 दिन शेष हैं। गतवर्ष की तरह रेल बजट इस बार भी आम बजट के साथ ही आएगा, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा रेल बजट में जिस प्रकार से अधिक बढ़ोत्तरी नही किए जाने के संकेत मिल रहे हैं। उसने भोपाल रेलमंडल से नई ट्रेनें चलाए जाने की उम्मीदों को कमजोर कर दिया है। रेलवे जानकारों के अनुसार इस बार भी भोपालवासियों को निराशा ही हात लगेगी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रेलवे ने पूर्व के रेल बजट की तुलना में इस बार १२ प्रतिशत की बढ़ोत्तरी किए जाने की मांग वित्त मंत्री से की थी, लेकिन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्पष्ट किया है कि वे रेलवे बजट में बहुत अधिक बढ़ोत्तरी नही करेंगे।

जानकारी के अनुसार रेलबजट में लगभग ४ प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की किए जाने का अनुमान है। एेसे में आय की अनुपब्धता के चलते रेलवे अधिक से अधिक कटौती नवीन खर्चों पर करेगा। इसमें सबसे अधिक मार नई ट्रेनों को चलाने की मांग पर पड़ेगी।

सांसद आलोक संजर ने कहा कि भोपाल से पुणे, बैंगलोर और छपरा के लिए नई ट्रेनें चलाने की मांग हमने रेलमंत्री महोदय से कर रखी है। हमे उम्मीद है कि इस बार हमारी ये नई ट्रेनों की मांग जरूर पूरी होगी। बजट के पहले जल्द ही इस संबंध में हम रेलमंत्री महोदय से बात करेंगे। भोपाल को इस बार ट्रेन मिलनी ही चाहिए।

नई ट्रेनों के संचालन में बजट की कमी सबसे बड़ी बाधा है। जेडआरयूसीसी मेंबर रहते हुए मैने रेलवे की आय बढ़ाने के लिए कई सुझाव दिए थे। रेलवे चाहे तो थोड़ी सावधानी और नियमों का पालन कर सालाना एक लाख करोड़ रुपए बचा सकता है, लेकिन एेसा लगता है कि रेलवे के अधिकारी स्वयं एेसा नही करना चाहते।

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