40 साल तक चूल्हा, खेतीबाड़ी की, अब बेटियों के साथ ले रही मेडल

- जिन महिलाओं में पढऩे की इच्छा थी, लेकिन शादी के बाद घर गृहस्थी में फंस गईं, ऐसी महिलाएं अब अपनी बेटियों के साथ स्कूल पहुंचकर उनके साथ ले रहीं मेडल

- जिला पंचायत की बेटियों के साथ मां को चौका चूल्हे से निकालने की पहल

भोपाल. सातवंी क्लास की खुश्बू माली आज अपनी मां विनीता माली के साथ मुगालिया छाप स्थित सरकारी स्कूल में रंगोली प्रतियोगिता में फस्र्ट आई है। विनीता के 40 साल के जीवन में ये पहला मौका है जब उन्हें कोई मेडल मिला है। वे इसे पाकर काफी खुश हैं, इसका श्रेय उनकी बेटी को भी जाता है। दोनों मां बेटी ने मिलकर स्कूल में हुई एक अनोखी प्रतियोगिता में भाग लिया और दोनों मां बेटी ने मेडल जीता। दरअसल शादी के बाद गांव में चूल्हा, खेतीबाड़ी, पशुपालन में अपनी जिंदगी बितादेने वाली महिलाएं अपना विकास नहीं कर पातीं। उनका जीवन ही एक सीमित दायरे में सिमट कर रह जाता है। ऐसी महिलाओं को विकास की दहलीज पर लाने का काम शुरू किया है जिला पंचायत ने। स्कूल में पढ़ाई कर रही बेटी के साथ कई प्रकार की प्रतियोगिताओं में उनकी मां को भी शामिल किया है। इस प्रतियोगिता में खुश्बू और विनीता के अलावा अंकिता विश्वकर्मा और उनकी मां ज्योति विश्वकर्मा, मधु प्रजापति और उषा प्रजापति, शीनम पुत्री शबीना खान व अन्य ने भी दूसरी और तीसरे नंबर पर रही हैं।

जिला पंचायत ने अपनी इस अनौखी प्रतियोगिता की शुरूआत फंदा ब्लॉक के मुगालिया छाप स्थित सरकारी स्कूल से की है। इसका उद्ेदश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ रही बेटियों को बढ़ावा देने के साथ उनकी मां को भी घर के चूल्हे चौके से बाहर लाने का है। दरअसल पंचायतों में ऐसी कई महिलाएं रहती हैं जिनको बचपन से पढऩे का शौक रहता है। लेकिन माता पिता द्वारा शादी जल्दी कर देने के कारण उनकी जिंदगी घर गृहस्थी में ही खप जाती है। ऐसी महिलाओं को घर से बाहर लाकर उनके सर्वांगीण विकास का खाका जिला पंचायत ने खींचा है।

187 पंचायतों में होगी प्रतियोगिता
इस प्रकार की प्रतियोगिता बैरसिया और फंदा दोनों ब्लॉक की 187 पंचायतों में होगी। फंदा बीआरसी रविंद्र जैन ने बताया कि स्कूल शिक्षिकाओं के माध्यम से ऐसी मां और बेटी का चयन किया जा रहा है। इसमें पहले दिन काफी अच्छा रिस्पोंस मिला है।

वर्जन

गांव में जिन महिलाओं की पढऩे या रंगोली व अन्य प्रतियोगिताओं में भाग लेने की इच्छा अधूरी रह जाती है। ऐसी महिलाओं को मौका दिया जा रहा है। मां और बेटी एक साथ प्रतियोगिता जीतकर मेडल ले रही हैं। अपना विकास कर रही हैं।
विकास मिश्रा, सीईओ, जिला पंचायत

बीआरसी फंदा ग्रामीण, रविंद्र जैन--

प्रवेंद्र तोमर Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned