Hindi Diwas 2021 टीवी के सबसे हिट राइटर, सीरियल्स ने मचाई धूम

उज्जैन के महान रचनाकार शरद जोशी

By: deepak deewan

Updated: 14 Sep 2021, 10:41 AM IST

भोपाल. हिन्दी के महान रचनाकार पंडित शरद जोशी जो हमेशा कहानी, व्यंग्य, उपन्यास के लिए तटस्थ हस्ताक्षर रहे। उनके एक उपन्यास 'लापतागंज को जब टीवी पर धारावाहिक के रूप में दिखाया गया तो धूम मच गई। लोग बेताबी से इस धारावाहिक का इंतजार करते थे। पं. जोशी ऐसे व्यंग्यकार थे, जिन्होंने अपनी जन्मभूमि उज्जैन का जिक्र कई साहित्य और लेख में किया है।

उनका जन्म 21 मई 1931 को हुआ था। उनकी पुत्री नेहा शरद मुंबई में टीवी कलाकार हैं। पं. जोशी उज्जैन के माधव कॉलेज में पढ़े और कई साहित्यिक कृतियों की रचना की। कवि दिनेश दिग्गज ने बताया, उन्होंने टेलीविजन के लिए 'ये जो है जिंदगी, विक्रम-बेताल, सिंहासन बत्तीसी, वाह जनाब, देवी जी, प्याले में तूफान, दाने अनार के और ये दुनिया गजब की...जैसे धारावाहिक लिखे। उनके लिखे सीरियल्स ने टीवी पर धूम मचा दी थी.

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अपने साहित्यिक योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा उन्हें पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया था। मध्यप्रदेश में भी उनके नाम पर प्रदेश सरकार द्वारा शरद जोशी सम्मान दिया जाता है, लेकिन उनकी जन्म स्थली पर कोई बड़ा आयोजन नहीं होता। कुछ अवसरों पर संस्थाएं अपने स्तर पर उन्हें याद करती हैं। जोशी लंबे समय तक इंदौर भी रहे थे।

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बात चुभी तो व्यंग्य लिखे
पं.जोशी की अपने दौर की सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक विसंगतियों पर पैनी निगाह थी। साफगोई से उन्होंने अपने शब्दों से उसे कुरेदना शुरू किया था। पहले वे व्यंग्य नहीं लिखते थे। कहा जाता है कि किसी मंच पर एक कवि की बात उन्हें चुभ गई, इसके बाद वे व्यंग्य लिखने लगे। इसके बाद तो इस विधा में उनकी तूती बोलने लगी. देश—दुनिया में उन्हें एक व्यंग्यकार के रूप में ही ज्यादा जाना गया.

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