MP की विरासतः मुस्लिम दोस्त ने निभाया था हिन्दू रानी की रक्षा का वचन

mp.patrika.com विश्व विरासत दिवस के मौके पर ऐसे किस्से से आपको रूबरू करवा रहा है, जिसे आज भी भोपाल की नवाब रियासत के दौर से आज भी याद किया जाता है। 

By: Manish Gite

Published: 17 Apr 2017, 11:14 AM IST


mp.patrika.com विश्व विरासत दिवस के मौके पर ऐसे किस्से से आपको रूबरू करवा रहा है, जिसे आज भी भोपाल की नवाब रियासत के दौर से आज भी याद किया जाता है। भोपाल के कमला पार्क में स्थित है रानी कमलापति महल। यह महल आज दोस्त मोहम्मद खान और रानी कमलापति के राखी के स्नेह की भी मिसाल है। खान के वचन के कारण ही यह महल बुलंदी के साथ खड़ा हुआ है...।


भोपाल। मध्यप्रदेश में भोपाल की नींव रखने वाले रियासत के पहले दोस्त मोहम्मद खान ने राखी का वचन निभाया था। किंवदंतियां हैं कि जब गिन्नौरगढ़ के गौंड राजा निजाम शाह को जहर देकर मार दिया गया, तो उनकी विधवा पत्नी बेटे को लेकर काफी समय तो गिन्नौरगढ़ में ही छुपी रही, लेकिन जब दोनों को भी जान का खतरा हुआ तो वे यहां-वहां भटकते हुए भोपाल के नवाब से मदद मांगने पहुंच गई। रानी कमलापति के सहृदय व्यवहार से दोस्त काफी प्रभावित हुआ। कमलापति ने भी उन्हें भाई कहकर संबोधित किया।


वचन के बदले दोस्त मोहम्मद ने कमलापति की जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकाना देने का भरोसा दिलाया। कोलांस नदी के डैम पर यह महल बनाकर दिया गया। यह महल छोटे तालाब और बड़े तालाब के बीच में आज भी है। माना जाता है कि कमलापति जब तक जीवित रहीं दोस्त मोहम्मद को राखी जरूर भेजती थी। किंवदंती भी हैं कि वे उस समय एक हिन्दू रानी से राखी बंधवाने वाले पहले शासक थे।





(यह है भोपाल स्थित रानी कमलापति महल, इस महल को दोस्त मोहम्मद खान ने बनवाया था)


55 किलोमीटर दूर है गिन्नौरगढ़
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से 55 किलोमीटर दूर है गिन्नौरगढ़। 750 गांवों से मिलकर गिन्नौर राज्य बनाया गया था। बात उस समय की है जब मुगल साम्राज्य का पतन हो चुका था। गोंड़ राजा निजाम शाह का राज था। वे सात रानियां के साथ रहते थे। इनमें कृपाराम गोंड़ की बेटी कमलापति भी थी। सभी रानियों में कमलापति सबसे खूबसूरत थीं। कमलापति वीर और बुद्धिमान भी थी। निजाम शाह के परिवार का भतीजा चैनशाह का बाड़ी में राज्य था। वह अपने चाचा से नफरत करता था। उसने चाचा की हत्या करने के लिए काफी प्रयास किए थे। चैनशाह ने धोखे से निजाम शाह को जहर देकर मार दिया था। चैनशाह के षड्यंत्र से बचने के लिए विधवा हुई कमलापति और उसका बेटा नवलशाह गिन्नौरगढ़ किले में ही छुप गए थे।

यह किला गौड़ राजाओं के समय में बनाया गया था, जो जंगल के बीच में स्थित है। कई विद्रोह और आक्रमणों से बचते बचते पति के हत्यारों से बदला लेने के लिए उसने इस्लामनगर के नवाब जो बाद में भोपाल के बने नवाब दोस्त मोहम्मद से मदद की पेशकश की। माना जाता है कि रानी ने दोस्त मोहम्मद को राखी बांधी थी और उन्हें अपना भाई बनाया था।


कमलापति के लिए बड़े तालाब किनारे जो महल बनावाया था, जो 18वीं शताब्दी के शुरुआत में वास्तु का अनोखा उदाहरण है। यह महल दो मंजिला ऊपर है, जबकि तालाब के भीतर इसकी पांच मंजिलें हैं। लखौरी ईंटों और मिट्टी से इसे बनाया गया है। इस महल के नीचे के हिस्से में भारी-भरकम पत्थरों का बेस तैयार किया गया था। यह महल कोलांस नदी के डैम पर बनाया गया है, जिसका निर्माण राजा भोज ने किया था। अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने 1989 से इसे अपने संरक्षण में रख रखा है। इस महल के परिसर को सुंदर बगीचे में तब्दील किया गया है।


kamalapati mahal

(भोपाल से 55 किलोमीटर दूर स्थित गिन्नौरगढ़ किला।)

Show More
Manish Gite
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned