MP हनी ट्रैप: रहस्य से उठा पर्दा! जानिये आखिर कैसे और क्यों किया जाता है ब्लैकमेल

MP हनी ट्रैप: रहस्य से उठा पर्दा! जानिये आखिर कैसे और क्यों किया जाता है ब्लैकमेल
MP हनी ट्रैप: रहस्य से उठा पर्दा, जानिये आखिर कैसे और क्यों किया जाता है ब्लैकमेल

Deepesh Tiwari | Updated: 21 Sep 2019, 04:02:29 PM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

हाई प्रोफाइल हनीट्रैप रैकेट का भंडाफोड़...

भोपाल। मध्य प्रदेश में इन दिनों हनीट्रैप का मामला सुर्खियों पर बना हुआ है। दरअसल मध्य प्रदेश पुलिस ने भोपाल में एक हाई प्रोफाइल हनीट्रैप रैकेट का बुधवार रात भंडाफोड़ किया है।

आतंक विरोधी दस्ते ने भोपाल की पॉश कॉलोनी में रहने वाली तीन महिलाओं को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार यह रैकेट धनवान लोगों को टारगेट करता था।

इनके निशाना पर मुख्यत बड़े नेता और अधिकारी होते थे, रैकेट एक महिला चला रही थी, जो एक एनजीओ भी चलाती है। बताया जाता है कि यह महिला भोपाल में एक पॉश टाउनशिप में एक विपक्षी राजनेता के घर में रहती है।

सूत्रों के अनुसार इस ऑपरेशन के तहत अब तक अश्लील वीडियो से भरे कई मोबाइल फोन बरामद किए हैं। माना जा रहा है कि ये वीडियो रसूखदार नेताओं और नेताओं को ब्लैकमेल करने के लिए बनाए गए होंगे।

MUST READ : हनी ट्रैप रैकेट: हाई प्रोफाइल लोगों को करतीं थी ब्लैकमेल, 5 लड़कियां गिरफ्तार

MP हनी ट्रैप: रहस्य से उठा पर्दा, जानिये आखिर कैसे और क्यों किया जाता है ब्लैकमेल

ऐसे समझें क्या होता है हनीट्रैप: what is honey trap...
हनीट्रैप में मुख्य रूप से महिलाओं का सहारा लिया जाता है। इसके तहत फेसबुक या हाई प्रोफाइल पार्टियों के जरिए टारगेटेड लोगों की लड़कियों से दोस्ती कराई जाती है।

फिर धीरे धीरे ईमेल और फोन नंबरों का आदान प्रदान कराया जाता है। वहीं इसके बाद हनी ट्रैप के मिशन पर निकली महिला उस व्यक्ति के साथ घुमने और मिलने का सिलसिला शुरू करती है। फिर वह महिला दोस्ती की आड़ में जरूरी जानकारियां हासिल करती है।

इसके लिए महिला सिर्फ लच्छेदार बातों का ही सहारा नहीं लेती बल्कि अपने शिकार को ब्लैकमेल भी करती है। ऐसे में अगर टारगेटेड व्यक्ति की कोई आपत्तिजनक तस्वीर या खास बातचीत की कोई डिटेल हाथ लग जाए तो उसे जगजाहिर करने की धमकी दी जाती है। जबकि बदनाम होने के डर से वो शख्स गोपनीय राज भी बता देता है।

यहां तक की कई देश हनी ट्रैप का प्रयोग दुश्मन देश से जुड़ा कोई अहम दस्तावेज या खुफिया जानकारी हासिल करने के लिए अक्सर करते हैं और इसके लिए महिला जासूस को विशेषतौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

ये हैं खास बातें...
सोशल मीडिया: इसके जरिए फंसाया जाता है-
अभी तक का ट्रेंड देखें तो पता चलता है कि सोशल मीडिया के जरिए सेना से जुड़े लोगों को फंसाया जाता है. ये जरूरी नहीं कि सामने जो लड़की बातें कर रही है वो वास्तव में लड़की ही हो. कई बार पुरुष एजेंट, महिला बन कर बातें करते हैं. इसके लिए फेक प्रोफाइल्स बनाई जाती हैं. ये इस कदर असली दिखती हैं कि इन पर भरोसा कर लिया जाता है.

भरोसा: नंबरों के आदान प्रदान से पहले-
लोगों का भरोसा हासिल करने के लिए मोबाइल नंबरों का आदान प्रदान भी किया जाता है और whatsapp जैसे टूल्स से भी चैटिंग की जाती है। इस तरह की चैटिंग के दौरान अंतरंग तस्वीरें, बेहद निजी राज आदि जान लिए जाते हैं और फिर ब्लैकमेल करने में इनका इस्तेमाल किया जाता है।

जानिये क्यों आसान नहीं था महिला ब्लैकमेलर्स को पकड़ना...

मध्यप्रदेश में सामने आए हनीट्रैप के मामले में तीन महिलाओं की गिरफ्तारी से मध्यप्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। हनीट्रैप कांड में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे होते जा रहे हैं।

हनी ट्रैप के मामले में पकड़ी गई आरोपियों से पूछताछ से इनके काम करने के तरीके के बारे में पता चला है। हनीट्रैप के आरोप में पकड़ी गई महिलाएं बड़े ही शातिर तरीके से अपने काम को अंजाम देती थी।

पुलिस की पूछताछ में इन महिलाओं ने कबूला है कि इनके शिकार हुए लोग आसानी से इन्हें पकड़ न सकें, इसके लिए वह मोटा हाथ मारने के बाद अपना घर बदल लेती थीं, हालांकि नया मकान भी पॉश इलाके में ही होता था, ताकि इनके रसूख पर कोई असर न पड़े।

श्वेता जैन: हाल ही में मकान बदला...
इनमें से एक महिला श्वेता जैन जिसे पुलिस और इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने भोपाल की सबसे पॉश कॉलोनी रिवेरा टाउन से गिरफ्तार किया है, उसने भी हाल ही में मकान बदला था।

श्वेता पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह के मकान में रह रही थी। वह किराए के रूप में 35 हजार रुपये प्रति माह का भुगतान कर रही थी।

विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने श्वेता को रिवेरा टाउन का अपना मकान ब्रोकर के माध्यम से किराए पर दिया था। उन्होंने कहा कि जैन परिवार पहले से ही रिवेरा टाउन में ही किराए पर रह रहा था, लिहाजा ब्रोकर जब उन्हें उनके पास लेकर आया तो उन्होंने ज्यादा सवाल नहीं किए।

विदेश से मंगाती थी लिपस्टिक :
श्वेता को लग्जरी कारों, ब्रॉन्डेड कपड़ों, कॉस्मेटिक का बेहद शौक है। पड़ोसी महिलाओं ने बताया कि श्वेता विदेश से लिपस्टिक मंगाती थी। एक पूर्व मंत्री के साथ जब वह नेपाल गई थी तो वहां से कपड़े, घडिय़ां खरीद कर लाई थी।

पड़ोसियों का कहना कि वह खुद को फैक्ट्री की संचालक बताती थी, जबकि पति को प्रॉपर्टी डीलर। फेसबुक प्रोफाइल में भी यही दर्ज है। बताया जा रहा है कि कि बंगरसिया की एक फैक्ट्री में उसने निवेश कर रखा है।

गिरोह में युवतियों को शामिल करने श्वेता एनजीओ में नौकरी का झांसा देती थी। इसके बाद हाईप्रोफाइल लोगों से मिलाती। जाल में फंसने के बाद युवतियां श्वेता द्वारा दिए गए टारगेट को हर हाल में पूरा करती थीं।

आरती: छतरपुर में भी कर्ई लोगों जाल में...
इंदौर में पकड़ी गई आरती दयाल मूलतः छतरपुर जिले की रहने वाली है। सूत्रों की मानें तो आरती इससे पहले छतरपुर जिले में भी कई लोगों को हनीट्रैप के जाल में फंसा चुकी है। इसके बाद उसने छतरपुर छोड़ भोपाल को अपना ठिकाना बना लिया।

सूत्रों की मानें तो भोपाल राजधानी होने के कारण नेताओं से लेकर बड़े अधिकारियों और व्यापारियों तक, इनकी अच्छी पैठ और रोजाना साथ उठना-बैठना था। पुलिस को उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने पर कई और खुलासे होंगे।

ज्ञात हो कि नगर निगम के एक कर्मचारी को ब्लैकमेल करने के मामले में इंदौर पुलिस ने आरती दयाल और मोनिका यादव को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में इनसे मिली जानकारी के आधार पर भोपाल पुलिस और एटीएस ने रिवेरा टाउन से श्वेता जैन को भी गिरफ्तार कर लिया था।

आरती दयाल : भाजपा के एक कद्दावर नेता के जरिए श्वेता से मिली। श्वेता ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से इसके एनजीओ को फंड दिलाने में मदद कर गिरोह में शामिल किया। दो आईएएस को ब्लैकमेल किया। हाल ही में अयोध्या बायपास पर करीब 40 लाख रुपए कीमती फ्लैट खरीदा। देर रात नशे में घर पहुंचती थी। 10 लोगों को अपने जाल में फंसाया।

Show More

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned