राजधानी के इस अस्पताल में मिलेगी ऑनलाइन पर्ची और मोबाइल पर मिलेगी रिपोर्ट

राजधानी के इस अस्पताल में मिलेगी ऑनलाइन पर्ची और मोबाइल पर मिलेगी रिपोर्ट
hospital online mobile services started

KRISHNAKANT SHUKLA | Publish: May, 17 2019 09:31:19 AM (IST) | Updated: May, 17 2019 09:34:19 AM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों को अब लंबी कतारों से नहीं जूझना पड़ेगा। क्यू मैनेजमेंट सिस्टम (क्यूएमएस) के तहत रजिस्ट्रेशन से लेकर जांच पर्चे और प्रिस्क्रिप्शन सभी व्यवस्था ऑनलाइन की जा रही हैं।

भोपाल. हमीदिया अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों को अब लंबी कतारों से नहीं जूझना पड़ेगा। क्यू मैनेजमेंट सिस्टम (क्यूएमएस) के तहत रजिस्ट्रेशन से लेकर जांच पर्चे और प्रिस्क्रिप्शन सभी व्यवस्था ऑनलाइन की जा रही हैं।

रजिस्ट्रेशन कराने पर मरीज को ओपीडी नंबर दिया जाएगा। यह नंबर एसएमएस से भेजा जाएगा या मरीज को नोट करना होगा। ओपीडी में नंबर बताने पर कक्ष क्रमांक बताया जाएगा। यहां मरीज का कंप्यूटराइज्ड पर्चा बनेगा और टोकन दिया जाएगा।

डॉक्टर के केबिन के बाहर लगी स्क्रीन पर मरीजों के टोकन नंबर डिस्प्ले किए जाएंगे। इस व्यवस्था को गुरुवार से अस्पताल के छह विभागों में शुरू कर दिया गया है। दो महीने पहले यह व्यवस्था प्रयोग के तौर पर सर्जरी और हड्डी रोग विभाग में लागू की गई थी।

हर जानकारी का रहेगा रेकॉर्ड

इस सिस्टम में मरीज की बीमारी, जांच, दवाएं व अन्य जानकारी पर्चे में कंप्यूटर से टाइप की जाएंगी। सभी कंसल्टेंट्स के कक्ष में कंप्यूटर लगाए हैं। मरीज को कौन सी दवा लिखी है, यह जानकारी दवा वितरण कक्ष में पहुंच जाएगी। कौन सी जांचें होनी हंै, ये जानकारी सेंट्रल पैथोलॉजी लैब (सीपीएल) तक पहुंच जाएगी। मरीज मोबाइल पर ऑनलाइन रिपोर्ट प्राप्त कर सकेंगे।

दूसरे अस्पतालों को भेज सकेंगे रिपोर्ट

अस्पताल में मरीज का रेकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। जिन अस्पतालों में एचएमआइएस सिस्टम है, वहां मरीजों का रेकॉर्ड डिजिटल भेजा जा सकेगा। सीटी स्कैन, एमआरआई व एक्स-रे की इमेज डॉक्टर कम्प्यूटर स्क्रीन पर देख सकेंगे। डॉक्टर दूसरे विभाग के डॉक्टरों से मरीज के बारे में राय ले सकेंगे। दूसरे विभाग के डॉक्टर को सिर्फ मरीज का ओपीडी नंबर बताना होगा।

इस तरह मिलेगा फायदा

  • डॉक्टर-नर्स को केस शीट देखने की जरूरत नहीं। मरीज का नाम पर क्लिक कर ब्योरा देख सकेंगे।
  • मरीज कब भर्ती हुआ, कौन डॉक्टर देख रहा, एडमिशन रिपोर्ट, जांचें, एलर्जी, हिस्ट्री, डिस्चार्ज आदि की जानकारी मिल जाएगी।
  • मरीज के रेफ र होने पर पूरा ब्योरा ऑनलाइन भेजा जा सकेगा।
  • कंप्यूराइज्ड पर्चा तैयार होने से दवाओं के नाम को लेकर गफलत नहीं होगी।
  • ओपीडी पर्चा व जांच रिपोर्ट ऑनलाइन प्राप्त की जा सकती है।
  • जीएमसी की वेबसाइट पर या एमपी ऑनलाइन के कियोस्क से 15 रुपए में पर्चा बनवाया जा सकता है।
  • इसमें कियोस्क फीस पांच रुपए है।

इन विभागों में शुरू हुआ सिस्टम

  • ऑर्थोपेडिक्स
  • सर्जरी
  • ईएनटी
  • पीडियाट्रिक
  • डर्मेटोलॉजिस्ट
  • रेडियोलॉजी
  • पीडियाट्रिक सर्जरी

सर्जरी व हड्डी विभाग से क्यू मैनजमेंट सिस्टम शुरू किया गया था। दो माह के ट्रायल के बाद इसे अब बाकी विभागों में भी शुरू किया गया। कंप्यूटर लग गए हैं, जल्द ही स्क्रीन भी लग जाएंगी। अब मरीज आराम से बैठकर अपना नंबर आने का इंतजार कर सकेंगे। दवाओं और जांचों के पर्चे संभालने की जरूरत नहीं होगी।
डॉ. एके श्रीवास्तव, अधीक्षक, हमीदिया अस्पताल

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