हर साल प्रदेश के कितने लोग पर्यटन और भ्रमण पर निकलते हैं, जानकारी जुटा रही है केन्द्र सरकार

- पर्यटकों की संख्या के हिसाब से होगा पर्यटन केन्द्रों का विकास
- रेल और हवाई सुविधाएं बेहतर तथा आसान बनाने के लिए भी बनेगी कार्य योजना

भोपाल। देश और प्रदेश के लोग किन पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर ज्यादा जाते हैं, इस संबंध में केन्द्र सरकार एक सर्वे करा रही है। रिपोर्ट के आधार पर पर्यटन केन्द्रों तक के पहुंच मार्गों और सुविधा केन्द्रों का विकसित किया जाएगा।

इन क्षेत्रों के लिए सड़क के अलावा रेल और हवाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कार्य योजना तैयार की जाएगी। सरकार इन पर्यटन और धार्मिक स्थिलों के विकास और वहां सुविधा केन्द्र तैयार करने के लिए राज्य सरकार को अलग से बजट देगा। सर्वे का काम आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा किया जा रहा है।

केन्द्र सरकार का फोकस देश और विदेश के पर्यटकों को बेहतर और आसान सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है। जिससे इन क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या और अधिक इजाफा हो सके। इसके लिए सरकार पूरे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल, नेशनल पार्क, ईको पयर्टन, जल पर्यटन, हिल पर्यटन का माइक्रो स्तर पर मैप तैयार कर उसे एक प्लेटफार्म पर लाने का प्रयास कर रही है।

सर्वे के जरिए ये भी आंकड़े तैयार किए जाएंगे कि किन पर्यटन स्थलों पर कितने लोग, किस मौसम में जाते हैं। रिपोर्ट के आधार पर उस रूट की सभी सड़कों, रेल मार्गों और हवाई सुविधाओं का पुख्ता किया जाएगा। इन पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के लिए भोजन, विश्राम, मनोरंजन, इंटरनेट, टेलीफोन की सुविधाएं भी मजबूत की जाएंगी। '

जिन पर्यटन केन्द्रों में इस तरह की सुविधाएं नहीं हैं वहां सरकार पीपीपी मॉडल से यह सुविधाएं पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराएगी। पर्यटकों के लिए सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। पर्यटन स्थलों पर अलग से पुलिस चौकियों की सुविधा रहेगी। यहां दो भाषा बोलने वाले महिला-पुरूष पुलिसकर्मी पदस्थ किए जाएंगे।

टूरिज्म के साथ ट्रिप का सर्वे

सरकार टूरिज्म के साथ ट्रिप पर जाने वाले स्थान और शहरों की मैपिंग की जाएगी। इसमें सर्वे के जरिए लोगों से यह जानकारी एकत्रित की जाएगी कि वे इलाज, पंचकर्म, मनोरंजन, योग-ध्यान सहित अन्य कार्य के लिए किन शहरों में जाते हैं। एक साल में इन ट्रिपों पर उनका कितनी बार जाना होता है और वे इस पर कितना पैसा खर्च करते हैं। इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर इन क्षेत्रों के पहुंच मार्गों को विकसित किया जाएगा। सरकार उन क्षेत्रों को अलग-अलग क्लस्टर के रूप में तैयार करने की योजना बनाएगी। राज्य और केन्द्र सरकार द्वारा इस शहरों के विकास के लिए संयुक्त प्लान तैयार किया जाएगा।


तैयार होगा गुणवत्ता शिक्षा का स्तर

सर्वे के आधार पर प्रदेश और जिले की शिक्षा गुणवत्ता के स्तर का भी आकलन किया जाएगा। सर्वे दौरान सवालों के माध्यम से सरकार यह जानने की कोशिश करेगी कि लोग अपने बच्चों को स्कूल, उच्च शिक्षा अथवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए किन शहर में भेजते हैं। जिस शहर में ज्यादा बच्चे पढऩे भेजे जाते हैं, उन्हें एजुकेशन क्लस्टर के रूप में तैयार किया जाएगा। बच्चों को वहां पढऩे, ठहरने के लिए तमाम तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। इन शहरों के लोक परिवहन को युवाओं की जरूरत के अनुसार विकसित किया जाएगा। इन शहरों में विद्यार्थियों के लिए वाईफाई, इंटरनेट, ई-लाइब्रेरी, मनोरंजन, खेल और जिम जैसे गतिविधियों को बढावा देने पर प्रयास किया जाएगा।

टूरिजम और टूर सहित दो दर्जन से अधिक बिंदुओं पर सर्वे कराया जाए रहा है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर उन क्षेत्रों के लिए पहुंच मार्ग और पर्यटन क्षेत्रों को विकसित किया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट दो साल के अंदर तैयार की जाएगी। - आरएस राठौर, आयुक्त, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग

Ashok gautam Reporting
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