जरूरी है आधार से मोबाइल नंबर को लिंक कराना, अपनाएं ये आसान तरीका

Deepesh Tiwari

Publish: Sep, 11 2017 03:32:00 (IST)

Bhopal, Madhya Pradesh, India
जरूरी है आधार से मोबाइल नंबर को लिंक कराना, अपनाएं ये आसान तरीका

आपने अभी तक लिंक नहीं किया तो कर लीजिए, नहीं तो फरवरी 2018 के बाद आपका नंबर बंद किया जा सकता है।

भोपाल। मोबाइल नंबर को आधार से लिंक (link mobile number) करना केंद्र सरकार ने जरूरी कर दिया है। यदि आप दोनों को लिंक नहीं करेंगे तो एक निश्चित तारीख के बाद आपका नंबर बंद कर दिया जाएगा।

ऐसे में यदि आपने अभी तक लिंक नहीं किया तो कर लीजिए, नहीं तो फरवरी 2018 के बाद आपका नंबर बंद किया जा सकता है। आधार कार्ड को लिंक करने का कारण मोबाइल से होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए जरूरी बताया रहा है। अभी सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने ग्राहकों को इसके लिए सूचित कर e-KYC प्रोसेस को शुरू करें।

मोबाइल से आधार को लिंक करने का यह काम आप खुद भी इस तरह करा सकते हैं। इसके लिए आप अपने आधार कार्ड को लेकर अपने मोबाइल नंबर प्रोवाइडर कंपनी के नजदीकी स्टोर पर जाएं और आधार को मोबाइल नंबर से लिंक करा लें।

लिंक करने की ये है प्रोसेस:
1. प्रथम चरण: सबसे पहले आपको अपने मोबाइल और आधार कार्ड के साथ नजदीकी अपने मोबाइल नेटवर्क सर्विस प्रोवाइडर के ऑफिस जाना होगा। यदि आपके नाम पर सिम कार्ड नहीं है, यानि घर के किसी और सदस्य के नाम पर है, तो उन्हें साथ लेकर जाएं क्योंकि उन्हीं के आधार कार्ड नंबर और फिंगरप्रिंट से मोबाइल नंबर वेरीफाई किया जाएगा।


2. दूसरा चरण: कंपनी के ऑफिस में आपनी री-वेरिफिकेशन डिटेल भरें। प्रोसेस पूरी होने पर आपके लिंक किए जा रहे मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, जिसे नेटवर्क कंपनी के ऑफिस में उसी समय देना है।

3. तीसरा चरण: इस तरह अोटीपी वेरिफाई होने के बाद कंपनी के ऑफिस में आपका काम पूरा हो जाएगा।


4. चौथा चरण: इसके बाद अब आपको इंतजार करना है। अगले 24 घंटे में आपके सर्विस प्रोवाइडर का आपके वेरीफाई करा रहे नंबर पर एक वेरिफिकेशन मैसेज मिलेगा। इस पर आपको 3 घंटे के अंदर रिप्लाई करना है।

5. पांचवां चरण: रिप्लाई करने के लिए मैसेज बॉक्स में RV<स्पेस>Y टाइप करें और उसे 12345 पर भेज दें। इस प्रोसेस के बाद आपका मोबाइल आधार से लिंक(link mobile number) हो जाएगा।

इनकी समस्या का नहीं हो रहा निदान:
एक ओर जहां सरकार की ओर से आधार लिंक करने की एक निश्चित तारीख फिक्स कर दी गई है। वहीं दूसरे प्रदेशों से भोपाल या मध्यप्रदेश के अन्य जिलों में नौकरी करने या पढ़ने आए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


बाहर का आधार होने के कारण जहां एक ओर यहां का नंबर होने के बावजूद सर्विस प्रोवाइडर कंपनियां उनका आधार लिंक (aadhar card link) नहीं कर रही हैं,वहीं उन्हें इसका कारण भी नहीं बताया जा रहा है। इसके अलावा भी यदि किसी ने अपने आधार में कुछ बदलाव कराया है चाहे वह वेरिफिकेशन वाले प्रदेश का ही क्यों न हो उनके भी आधार लिंक नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में इन लोगों को भविष्य में अपने नंबर बंद होने का डर सता रहा है। वहीं कुछ सर्विस प्रोवाइडरों का दबी जबान में कहना है कि ऐसे ग्राहकों को फरवरी 2018 के आसपास ही अटेंड किया जाएगा।

लिंक कराने की ये है आखिरी तारीख:
सरकार ने अब मोबाइल नंबर को आधार(aadhar card) से लिंक करना जरूरी कर दिया है। अगर दोनों को लिंक नहीं करेंगे तो एक निश्चित तारीख के बाद नंबर बंद कर दिया जाएगा। अगर आपने अभी तक लिंक नहीं किया तो कर लीजिए, नहीं तो 28 फरवरी 2018 के बाद आपका नंबर बंद कर दिया जाएगा। मोबाइल नंबर में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए आधार कार्ड को जरूरी किया जा रहा है। इस साल फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि वह एक साल के अंदर सौ करोड़ से ज्यादा वर्तमान और आगामी मोबाइल टेलिफोन उपभोक्ताओं की पहचान स्थापित करने की व्यवस्था करे। कोर्ट ने आदेश दिया था कि सत्यापन के लिए यूजर्स के सिम कार्ड को उनके आधार से लिंक कर दिया जाए।

सुप्रीम कोर्ट NGO लोकनीति की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा है जिसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार और ट्राई को ये निर्देश दिए जाएं कि मोबाइल सिम धारकों की पहचान, पता और सभी डिटेल उपलब्ध हों। कोई भी मोबाइल सिम बिना वैरिफिकेशन के न दी जाए। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब मांगा था।

अटॉर्नी जनरल ने कहा था कि इसके लिए सहमत है, लेकिन मोबाइल फोन यूजर्स की संख्या लगभग 105 करोड़ है, इस प्रक्रिया में समय लगता है। इसके अलावा, 90% से ज्यादा यूजर्स प्री-पेड कनेक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन अब ऐसा मैकेनिज्म लाया जा रहा है जिससे इन मोबाइल सिम(SIM) को भी आधार से जोड़ा जा सके।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि मोबाइल सिम कार्ड रखने वालों के वेरिफिकेशन के लिए क्या तरीका है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस खेहर ने कहा था कि मोबाइल सिम कार्ड (Sim Card) रखने वालों की पहचान न हो तो यह धोखाधड़ी से रुपये निकालने के काम में इस्तेमाल हो सकता है।

सरकार को जल्द ही पहचान करने की प्रक्रिया करनी चाहिए, वहीं केंद्र की ओर से कहा गया था कि इस मामले में उसे हलफनामा दाखिल करने के लिए वक्त चाहिए।

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