बढ़ रहे हैं ऑनलाइन ठगी के मामले, ऐसे बरतें सावधानी

जहां एक तरफ पूरा भारत डिजिटलाइजेशन की तरफ बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ लगातार बढ़ रहा ये क्राइम लोगों के अकाउंट सेफ्टी को लेकर बहुत से सवाल खड़े कर रहा

By: alka jaiswal

Published: 04 Aug 2017, 12:51 PM IST

भोपाल। बढ़ती टेक्नॉलिजी के साथ साइबर फ्रॉड भी बढ़ते ही जा रहे हैं। जहां एक तरफ पूरा भारत डिजिटलाइजेशन की तरफ बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ लगातार बढ़ रहा ये क्राइम लोगों के अकाउंट सेफ्टी को लेकर बहुत से सवाल खड़े कर रहा है। इस बारे में जब डिजिटल एक्सपर्ट गगन शर्मा से पूछा गया कि डिजिटल ट्रांजेक्शन की सेफ्टी को लेकर लोगों को क्या करना चाहिए तो उन्होंने कुछ टिप्स बताए जिनको अपनाकर आप साइबर क्राइम से बच सकते हैं।

How to prevent cyber fraud and make your account safe

अकाउंट का पासवर्ड सेट करने में अपनाएं ये टिप्स
जब भी आप अपने अकाउंट का पासवर्ड सेट करें तो जो सबसे पहली बात ध्यान में रखनी होती है वो है कि आपका पासवर्ड बहुत ही स्ट्रांग होना चाहिए। कोशिश करें कि आप अपने पासवर्ड में स्पेशल कैरेक्टर, कैपिटल लेटर और नंबर का इस्तमाल जरूर करें। इसके साथ ही ध्यान रखें कि आपके पासवर्ड में 6-12 कैरेक्टर जरूर हों। स्ट्रांग पासवर्ड आपके अकाउंट को भी सेफ बनाता है। इसके साथ ही समय-समय पर अपने अकाउंट का पासवर्ड भी बदलते रहें।

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पब्लिक WiFi का इस्तमाल करने में बरतें सावधानी
अकसर हम पब्लिक प्लेस पर अपने मोबाइल या लैपटॉप को वहां उपलब्ध वाईफाई से कनेक्ट कर लेते हैं। ध्यान रखें कि जब भी आप डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए किसी पब्लिक प्लेस का वाईफाई का इस्तमाल कर रहे हों तो अपना मोबाइल किसी से भी शेयर ना करें। इसके साथ ही पब्लिक प्लेस पर कभी भी अपना डेटा किसी से भी शेयर ना करें क्योंकि यह आपके ट्रांजेक्शन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। डिजिटल ट्रांजेक्शन की सेफ्टी के लिए जरूरी है कि आप अपने मोबाइल या फिर लैपटॉप पर एंटीवायरस का इस्तमाल जरूर करें क्योंकि यह आपके ट्रांजेक्शन को और भी सुरक्षित बनाता है।

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एंटीवायरस ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए कितना है सुरक्षित
अकसर देखा गया है कि लाइसेंस वाले एंटीवायरस के मुकाबले फ्री एंटीवायरस के यूजर्स को अक्सर डिजिटल ट्रांजेक्शन में प्रॉब्लम फेस करनी पड़ती है क्योंकि लाइसेंस एंटीवायरस में सेफ्टी के ज्यादा फीचर्स उपलब्ध कराए जाते हैं जो कि हमारे ट्रांजेक्शन को सिक्योर बनाते हैं। वहीं दूसरी तरफ फ्री एंटीवायरस से हैकर्स आसानी से डेटा चुराकर आपके अकाउंट को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

ऐसे करें अकाउंट को सिक्योर
किसी भी अकाउंट को सिक्योर रखने के लिए बहुत ही जरूरी है कि कभी भी किसी से भी अपने बैंक अकाउंट डिटेल्स शेयर ना की जाए। इसके साथ ही अकाउंट का इस्तमाल की जा रही मोबाइल एप्स पर भी नज़र रख बहुत ही जरूरी है। नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और वॉलेट ऐप्स में नोटिफिकेशन अलर्ट का ऑप्शन होता है जिसे एक्टिव कराकर आप अपने अकांउट को सिक्योर कर सकते हैं। अगर कोई भी आपके अकाउंट के साथ छेड़खानी करता है तो आपके नंबर पर एक अलर्ट मैसेज आ जाता है जिससे आप तुरंत सुरक्षा कदम उठा सकते हैं।

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ब्राउसर का इस्तमाल करने में भी बरतें सावधानी
जब भी आप ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करें तो यूज़ करने के बाद ब्राउज़र से कुकीज़ डिलीट करना ना भूलें क्योंकि इन्हीं कुकीज़ के द्वारा ही हैकर्स अकाउंट के डेटा को हैक करके आपको नुकसान पहुंचाते हैं।

फिशिंग मेल से रहें सतर्क
अकसर हमें ई-मेल पर लॉटरी या डोनेशन संबंधी फिशिंग मेल आते रहते हैं जिसमें हमारे अकाउंट से जुड़ी जानकारियां मांगी जाती हैं। अगर आपके पास भी ऐसी मेल आती है तो कभी भी इस मेल का जवाब ना दें।

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डेबिट या क्रेडिट कार्ड शेयर ना करें
अभी भी अगर आपके पास बैंक के नाम से फोन आए और आपका डेबिट या क्रेडिट कार्ड नंबर, पिन नंबर या फिर सीवीवी नंबर पूछा जाए तो ऐसी कोई भी जानकारी शेयर ना करें।

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