ध्यान रखेंगे ये बातें, तो बच्चा बनेगा आज्ञाकारी!

  ध्यान रखेंगे ये बातें, तो बच्चा बनेगा आज्ञाकारी!

उसे आसानी से स्वीकार कर सके व उसे आचरण में ला सके. यदि आपका व्यवहार प्यारभरा व नम्र होगा, तो बच्चे आक्रामक हो ही नहीं सकते।

भोपाल। अक्सर माता-पिता को चिंता रहती है कि उनका बच्चा किसी की बात नहीं सुनता। अच्छा व्यवहार नहीं करता और इसके कारण उन्हें सार्वजनिक समारोह या किसी मेहमान के सामने शर्मिंदगी होती है। खासतौर पर वर्किंग पैरेंट्स के साथ यह समस्या आ रही है। इन परेशानियों से बचने के लिए जरूरी है कि जब बच्चा बातों को समझना शुरू करता है तभी से उससे प्रेमपूर्वक व्यवहार करें। क्योंकि जो व्यवहार आप करेंगे बच्चा भी वही सीखेगा। ऐसी ही कुछ जरूरी बातें हैं जो बच्चे का व्यवहार बेहतर बना सकती हैं। जानिए चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट डॉ. अर्णिमा गांगुली क्या कहती हैं बच्चों की परवरिश के बारे में...

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कब करें शुरुआत?
जब बच्चा बोलने लगता है, समझने लगता है, तभी से शुरुआत की जानी चाहिए। बच्चे ज़्यादातर बातें दूसरों को देखकर ही सीखते हैं, इसलिए माता-पिता का व्यवहार ऐसा हो कि बच्चा उसे आसानी से स्वीकार कर सके व उसे आचरण में ला सके। यदि आपका व्यवहार प्यारभरा व नम्र होगा, तो बच्चे आक्रामक हो ही नहीं सकते।

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कैसे सिखाएं?
0 बच्चे हर समय माता-पिता का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। इसलिए वे हर समय उनके काम में रुकावट डालते रहते हैं। यदि उन्हें समय पर ठीक से नहीं समझाया जाता, तो यह आदत बन जाती है।
0 बच्चों को प्यार करना ही नहीं, अपने प्यार का एहसास कराना भी ज़रूरी है और यह भी कि वे आपके लिए कितना मायने रखते हैं।
0 बच्चों के दोस्तों पर भी नजऱ रखें। कई बार ग़लत संगत का असर भी बच्चों को विद्रोही बना देता है। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, ऐसा बार-बार करने से बच्चे पर अभिभावकों की किसी भी अच्छी-बुरी बात का कोई असर नहीं होता। बेहतर होगा दोस्ताना संबंध रखते हुए बात समझाई जाए।
0 बच्चों के लिए समय जरूर निकालें. उनकी कठिनाइयां, समस्याएं जानें। ऐसा व्यवहार रखें कि वे आपसे हर बात शेयर करें।
0 बच्चे को डांटने की बजाय उसे इशारे से रुकने के लिए कहें, फिर तुरंत बातचीत बंद कर बच्चे से बात करें। इससे उसे राहत महसूस होगी।


0 किशोरों में शारीरिक परिवर्तन होते हैं. उनका उदास, दुखी होना या कभी-कभार बुरा व्यवहार करना, हारमोन्स में बदलाव के लक्षण हैं। इसे उनकी बदतमीज़ी ना समझें। 
0 टीवी के कुछ सीरियल्स, कार्टून और कंप्यूटर गेम बच्चों में आक्रामकता पैदा करते हैं। बच्चों को इनसे बचाने की कोशिश करें।
0 माता-पिता के तनावपूर्ण वैवाहिक संबंध भी बच्चों को विद्रोही बना देते हैं।
0 आजकल बच्चों पर बहुत ज़्यादा शैक्षणिक दबाव है। कई बार उन्हें खेलने के लिए भी समय नहीं मिलता। इससे वे आत्मकेंद्रित व दब्बू बन जाते हैं। नम्रता और दब्बूपन के बीच बहुत पतली रेखा होती है। ध्यान रहे, आपका बच्चा इसका शिकार ना हो।
0 बच्चे को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश करें। उसे स्वतंत्र रूप से काम करने दें।  कुछ ग़लती हो तो प्यार से समझाएं। इससे उसका आत्मविश्वास बढ़ेगा।

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अभिभावकों के लिए ख़ास टिप्स
0 बच्चा आपके भावों को पढ़ वैसा ही करता है। उसे सिखाने से पहले ख़ुद को आदर्श बनाएं।
0 बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ाएं।
0 वैवाहिक जीवन का तनाव बच्चे के सामने ना आने दें।
0 हमेशा सकारात्मक व्यवहार रखें।
0 दोस्तों व बाहरवालों के सामने हमेशा उसकी तारीफ़  करें।

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