रातापानी में बाघ का शिकार, पंजे काटकर ले गए तस्कर

रातापानी में बाघ का शिकार, पंजे काटकर ले गए तस्कर

Sunil Mishra | Publish: Apr, 09 2019 08:33:15 AM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

छह महीने में दूसरी ऐसी घटना जिसमें पंजे मिले गायब, दो साल में तीसरी मौत,

- पिछली बार वन विभाग ने पकड़े थे ग्रामीण, इकबालिया बयान में कही थी शव से पंजे काटने की बात

- इस बार भी कोई जख्म न होने की विभाग कह रहा बात

रातापानी अभ्यारण्य की बिनैका रेंज में सोमवार को एक बाघ का एक शव मिलने से सनसनी फैल गई। बाघ के चारों पैरों के पंजे कटे मिले है। बाघ का शव इस तरह की हालात में मिलने से शिकार की आशंका जताई जा रही है।

गौरतलब है कि दिसंबर 2018 में इसी रेंज में एक बाघिन का शव मिला था जिसके भी पंजे कटे हुए थे। घटना सामने आने के चार दिनों बाद ही वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को गिरफ्तार कर दावा किया था कि ग्रामीणों ने शव से पंजे काटे लेकिन चार महीने बाद ही इसी तरह की घटना सामने आ जाने से इस मामले के साथ-साथ पुराने मामले की जांच पर भी सवाल उठने लगे हैं।

सीसीएफ डॉ. एसपी तिवारी ने बताया कि सोमवार को बिनैका परिक्षेत्र की बगासपुर बीट के वनक्षेत्र में बगासपुर तालाब के खोंगरे के पास एक बाघ का शव देखे जाने की सूचना मिली। जिसके बाद दल को रवाना किया गया। बाघ के शरीर पर कहीं चोट के निशान नहीं है, लेकिन उसके चारों पंजे कटे मिले हैं।

बाघ की मौत के बाद उसके पंजे काट ले गए या उसका शिकार करके तस्करी की गई है इसका पता पोस्टमार्टम के बाद चल सकेगा। आगे की जांच के लिए चिकित्सक और डॉग स्कवॉड की टीम को रवाना किया गया है। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

छह साल का बाघ, दांत, पूंछ सुरक्षित

शव की जांच से बाघ की उम्र छह साल के आसपास होने का अनुमान है। अधिकारियों का कहना है कि पंजे कटे हैं लेकिन दांत और पूंछ सलामत है। यह तंत्र-मंत्र के लिए किया गया मामला हो सकता है क्योंकि पिछले मामले में भी ग्रामीण फायदे के लालच में शव से पंजे काटकर ले गए थे। इस बार भी सभी एंगल से जांच की जा रही है।

रातापानी में बार-बार कट रहे बाघों के पंजे, शिकारी कौन?

ओबेदुल्लागंज वन मंडल की इसी बिनैका रेंज में पांच दिसम्बर को भी एक बाघ का शव मिला था। बाघ के सामने के दोनों पंजे कटे मिले थे। तब जहरखुरानी की आशंका सामने आई थी, लेकिन बाद में इसे नकार दिया गया। तीन दिनों बाद ही ग्रामीणों को गिरफ्तार कर लिया गया था, जिन्होंने बाघ का शव मिलने के बाद उसके पंजे काटने की बात कही थी।

पांच गांवों में दबिश, संदिग्धों से पूछताछ

वन विभाग की टीम शिकार के स्थल के आसपास के गांवों में दबिश देकर शिकारियों की तलाश कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि दो टीमें बनाकर इस जगह से पास में बसे बगासपुर सहित चार अन्य गांवों में दबिश दी गई है। कुछ संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है। गौरतलब है कि इससे पहले भी रातापानी में शिकार की घटनाएं सामने आती रही हैं।

शिकार से जुड़ा चौथा मामला

बाघ के शिकार का डेढ़ साल में यह चौथा मामला सामने आया है पहला मामला गोहरगंज में हुआ था। जहां मादा बाघ का शव मिला था। दूसरा मामला जावरा मलखार दाहोद रेंज का था, तीसरा मामला बिनैका रेंज में दिसम्बर को हुआ जिसके बाद फिर इसी रेंज में बाघ का शव मिला है।

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