बाथरूम व्यवस्थित नहीं होने से 4 साल से अलग रह रहे थे पति पत्नी

- जज की समझाइश से जुड़ी टूटे रिश्तो की डोर, नेशनल लोक अदालत में 7623 मुकदमा में हुआ राजीनामा

भोपाल. घर का बाथरूम व्यवस्थित नहीं होने से करीब 4 साल से पति पत्नी अलग रह रहे थे, वहीं दूसरे मामले में करीब 5 साल से अलग रह रहे पति को जब मासूम बेटी से मिलवाया गया तब बच्ची के मोह मैं पति ना केवल साथ रहने को राजी हुआ बल्कि पत्नी और बच्ची के नाम से फ्लैट भी खरीद कर एक साथ कोर्ट से वापस लौटे। ऐसे ही पारिवारिक विवाद के कई मामलों में जज की समझाइश के बाद टूटे हुए रिश्तों की डोर एक बार फिर से जुड़ गई। पारिवारिक विवाद के करीब आधा सैकड़ा मुकदमा निराकृत हुए। समझौता होने वाले मामलों में पति पत्नी तुलसी का पौधा सौंपे गाए।

घर का बाथरूम व्यवस्थित नहीं होने से पति अंकुश और पत्नी रचना 4 साल से अलग रह रहे थे। पारिवारिक विवाद अदालत के जज पीसी गुप्ता और काउंसलर सरिता राजानी ने दोनों पति पत्नी को समझाइश दी। पति ने पत्नी की सुख सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए घर और बाथरूम का पुन: निर्माण कराने को राजी हो गया। दूसरे मामले में
करीब 5 साल से पति सेविया और दीपांशी अलग रह रहे थे। दोनों का विवाह वर्ष 2014 में हुआ था। मासूम बेटी मां के साथ रहती थी। अहम के चलते दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ केस लगा दिए। मुकदमों की सुनवाई के दौरान जज ने पत्नी के साथ रह रही मासूम को पिता से मिलवाया। मासूम से मिलते ही पिता का दिल पसीज गया। दोनों पति पत्नी ना केवल एक साथ रहने को राजी हुए बल्कि पति ने पत्नी और बच्ची के नाम नया फ्लैट खरीद कर दिया।

15 दिन में बदला फैसला

पति पन्नालाल ने पत्नी गीता बाई के खिलाफ 25 अगस्त को विवाह विच्छेद का मुकदमा लगाया था। इस मुकदमे को 8 सितंबर को काउंसलिंग के लिए रखा गया। फैमिली काउंसलर सरिता राजानी ने बताया कि जज के सामने दोनों पति पत्नी को साथ बैठा कर समझाया गया। दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों का विवाद था। जज की समझाइश पर पन्नालाल पत्नी के साथ रहने को राजी हो गया और दोनों साथ कोर्ट से वापस गए।

जिला अदालत में शनिवार को आयोजित हुई लोक अदालत में जजों की समझाइश के बाद 7623 मुकदमों का निराकरण पक्षकारों की आपसी सहमति से हुआ। इनमें 1810 अदालत में लंबित मुकदमे निराकृत हुए वहीं प्री लिटिगेशन के 5813 मुकदमे निपटे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह ने सभी खंड पीठों में जाकर पक्षकारों को समझाइश दी।

चोरी के मामले में हुआ ऑनलाइन समझौता
चोरी के मामले में यूपी के बुलंदशहर की जज सूर्या चौहान फरियादी थी। 2019 में सिविल जज की परीक्षा देने ट्रेन से भोपाल आई थी। इस दौरान इनका मोबाइल चोरी हो गया था, सूर्या ने भोपाल स्थित जीआरपी थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मुकदमे में फरियादी सूर्या चौहान ने ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से राजीनामे की हामी भरी। जज आरिफ पटेल की अदालत में ऑनलाइन सूर्या चौहान ने राजीनामा करने से मुकदमा निराकृत हो गया।

साढ़े10 करोड़ के मामले में हुआ राजीनामा

प्रॉपर्टी विवाद के करीब साढे 10 करोड़ के मामले में शनिवार को लोक अदालत में पक्षकारों की आपसी सहमति से राजीनामा हुआ। ई- 1 अरेरा कॉलोनी निवासी बलबीर होरा और भाभी स्वीटी होरा के बीच प्रॉपर्टी के संबंध मैं लंबे समय से विवाद था। लोक अदालत में दोनों के बीच समझौता होने से मुकदमे का निराकरण कर दिया गया।

प्रवेंद्र तोमर Reporting
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