आइएएस ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

आइएएस ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

harish divekar | Publish: Sep, 09 2018 09:12:56 AM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

फेसबुक वॉल पर लिखा आखिर हम कब तक रहेंगे चुप, कहना बहुत खरी-खरी है, मुरैना में डिप्टी रेंजर की ट्रैक्टर से कुचलने की घटना पर बोले

भोपाल। मुरैना में डिप्टी रेंजर की ट्रैक्टर ट्राली से कुचलकर हत्या के मामले में 2010 बैच के आइएएस दीपक सक्सेना प्रदेश के कानून-व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा है कि आखिर हम कब तक चुप रहेंगे। कानून का राज महसूस होने और दिखाने की जिम्मेदारी हमारी है। उन्होंने लिखा कि इसको लेकर मन बेहद व्यथित है। कहना बहुत खरी-खरी है, पर अभी निवेदन है।

पहला निवेदन सरकार से है कि ऐसे मामले में मुआवजा राशि कम से कम दो करोड़ रुपए तत्काल करें, दूसरा निवेदन अफसरों से किया है कि कुछ करने के लिए अब और कौन से उपयुक्त समय का इंतजार है। आंच अब हमारे घर तक आ गई है। कानून का राज होना और दिखाना भी चाहिए। यह हमारी जिम्मेदारी है। आइएएस सक्सेना वर्तमान में राज्य निर्वाचन आयोग में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर पदस्थ हैं।

कलेक्टर-एसपी चाहे तो चूं भी नहीं कर सकता

आइएएस दीपक सक्सेना ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि कलेक्टर- एसपी चाहे तो अवैध उत्खनन और परिवहन तो क्या कोई चूं भी नहीं कर सकता है। आइएएस सक्सेना बोले आज हालात उलट हो गए हैं, प्रशासन का प्रभाव ही नहीं रहा, यही वजह है कि माफिया ट्रेक्टर ट्राली रोकने पर किसी अधिकारी की जान लेने से भी नहीं डरते। यही वजह है कि यदि कोई अधिकारी मजबूरी में अवैध खनन-परिवहन की गाडि़यां छोड़तें हैं तो जमाना उसे भ्रष्ट कहने लगता है।

पहले पुलिस की वर्दी में खड़ा एक व्यक्ति पूरी भीड़ को संभलता था, अब तो 100 पुलिसकर्मी भी छोटी से भीड़ नियंत्रित नहीं सकते हैं। जब यह आलम सरकारी अधिकारियों और वर्दी बालों का है, तो गलत काम को रोकने की हिम्मत आम आदमी कैसे जुटा सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मृत रेंजर के लिए जो राहत राशि दी है वह सराहनीय है। जानकारों में मुताबिक रेंजर पहले भी कई साहसिक काम कर चुका है. जिसके चलते कई बार मृतक रेजर को सम्मानित भी किया जा चुका है।

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