कमलनाथ बोले, समय रहते इंतजाम हो जाते तो नहीं होता कोयला संकट

आश्चर्य है गलती स्वीकारने को तैयार नहीं सरकार

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कोयला संकट पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि एक तरफ जिम्मेदार ख़ुद इस सच्चाई को स्वीकार रहे है कि देश के ताप विद्युत संयंत्रो के पास मात्र चार दिन का ही कोयले का स्टॉक मौजूद है और दूसरी तरफ साथ में यह झूठ भी बोल रहे है कि देश में कोयले का कोई संकट नही है, बिजली का संकट नही है। वे यह भी बताएं कि इन ताप विद्युत संयंत्रो के पास कितने दिनों का स्टॉक रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार यदि समय रहते जाग जाती तो इस संकट को टाला जा सकता था।

नाथ ने कहा कि बड़े आश्चर्य की बात है कि मैंने प्रदेश हित में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री से दो-दो बार वर्तमान कोयला संकट पर व बिजली कटौती पर सवाल पूछे लेकिन आज तक वह मेरे सवालों का जवाब देने सामने नहीं आए। देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री वर्तमान कोयले के संकट को देखते हुए अपने प्रदेश की चिंता करते हुए प्रधानमंत्री के आगे अपने प्रदेश में कोयले की पर्याप्त आपूर्ति को लेकर गुहार लगा रहे हैं, पत्र लिख रहे हैं लेकिन हमारे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री तो अभी तक सोए हुए हैं, उनकी सरकार तो इस संकट को स्वीकार ही नहीं कर रही है। उनकी आंख तो सिर्फ चुनावी क्षेत्रों में घोषणाओं के लिए, झूठ बोलने के लिए और झूठे भूमि पूजन ,नारियल फोडऩे के लिए ही खुलती है।

दीपेश अवस्थी
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned