घर बैठे ऑनलाइन सदन में शामिल होने में दिक्कत तो जिला मुख्यालय में मिलेगी सुविधा

- सत्र शुरू होने के पहले विधायकों को ऑनलाइन मिलेगा प्रशिक्षण
- तकनीकी खामियां दूर करने में जुटा विधानसभा सचिवालय

By: anil chaudhary

Published: 17 Sep 2020, 05:29 AM IST

भोपाल. कोरोनाकाल में हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान बैठक में विधायकों को वर्चुअल तौर पर शामिल होने की छूट मिल गई है। देश में पहली बार होने वाली इस प्रयोग को सफल करने में सचिवालय संभावित खामियों को दूर करने में जुटा है। तकनीकी विशेषज्ञों की राय ली जा रही है। सचिवालय द्वारा की गई व्यवस्था के तहत विधायक घर बैठे ऑनलाइन सदन की बैठक में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, उनके लिए यह स्वैच्छिक होगा। ऑनलाइन बैठक में यदि किसी विधायकों को कोई दिक्कत है तो उसके लिए जिला मुख्यालय में व्यवस्था रहेगी। उन्हें इसकी पूर्व सूचना सचिवालय को देना होगी।
सत्र शुरू होने में अब चार दिन शेष हैं, इस कम समय में सचिवालय को विधानसभा के साथ जिला मुख्यालय में भी व्यवस्था करना है। हालांकि, इसके लिए एनआइसी का सहयोग लिया जा रहा है। सभी विधायकों के मोबाइल नम्बर एकत्रित किए गए हैं। जिनके वाट्सऐप नंबर नहीं है उनसे वाट्सऐप नंबर देने को कहा गया है। उनको वाट्सऐप पर लिंक भेजी जाएगी। व्यवस्था ऐसी होगी कि सदन की बैठक शुरू होने के साथ ही यह लिंक भी एक्टिव होगी। इस लिंक को क्लिक करने के साथ ही संंबंधित विधायक जैसे ही यूजर नेम और पासवर्ड डालेगा, वह सदन की बैठक से सीधे ही जुड़ जाएगा। इससे विधायक सदन में हो रही चर्चा को देख और सुन सकेगा। यदि वह चर्चा में भाग लेना चाहता है तो अपनी बात भी कह सकेगा।

- बनेगा कंट्रोल रूम, सेटअप भी तैयार होगा
ऑनलाइन सदन के लिए विधानसभा सचिवालय अलग से सेटअप तैयार करने के साथ कंट्रोलरूम भी तैयार कर रहा है। ऐसा इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि प्रोटेम स्पीकर को सदन में सामने मौजूद विधायकों और ऑनलाइन शामिल होने वाले विधायकों पर नजर रखना होगी। इसके लिए सदन में स्क्रीन होगी जिसमें ऑनलाइन जुड़े विधायक भी नजर आते रहेंगे। यदि वे अपनी बात कहना चाहते हैं तो उन्हेंं मौका मिलेगा। यह सेटअप दो दिन में पूरा हो जाएगा। विधायकों को भी इसकी विस्तृत सूचना भेज दी जाएगी।
- उम्रदराज विधायकों की अधिक चिंता
विधानसभा सचिवालय को उम्रदराज विधायकों की चिंता अधिक है। क्योंकि गृह मंत्रालय की गाइडलाइन है कि उम्रदराज लोगों को अधिक एहतियात बरतने की जरूरत है। राजनीतिक दलों से कहा गया है कि बीमार और उम्रदराज विधायकों को यहां आने से रोकें। सदन में विधायकों की संख्या भी सीमित रखने का निर्णय रखने गया है, जिससे संक्रमण का खतरा न हो। मालूम हो 65 से अधिक उम्र के विधायकों की संख्या 40 से ज्यादा है। यदि 70 से 80 साल के विधायकों पर नजर डाली जाए तो इनकी संख्या 15 और 65 से 70 वर्ष के बीच विधायकों की संख्या 21 है।

Kamal Nath
anil chaudhary Desk
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