पुलिस के 75 हजार जवानों को सेल्फ मैनेजमेंट सिखाएगा आईआईएम

कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल पढ़ेंगे चुनौतियों से निपटने का पाठ

कोरोना काल के बाद बढ़ी पुलिस की चुनौतियां



By: Arun Tiwari

Published: 27 Jun 2021, 01:07 PM IST

भोपाल : इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट प्रदेश के पुलिसकर्मियों को कोरोना काल के बाद की चुनौतियों से निपटने का पाठ पढ़ाएगा। इस क्लास में 75 हजार कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल शामिल होंगे। आईआईएम पुलिस के जवानों को स्ट्रेस मैनेजमेंट, टाइम मैनेजमेंट और सेल्फ मैनेजमेंट सिखाएगा। इसके लिए पुलिस मुख्यालय और आईआईएम के बीच करार हुआ है। इस नए दौर में नई चुनौतियों से पार पाने के साथ ही बेहतर जीवन जीने की कला और वैचारिक, सामाजिक विकास के साथ पर्सनाल्टी डेवलपमेंट भी किया जाएगा। आईआईएम के प्रोफेसर बताएंगे कि किस तरह हर वक्त तनाव में रहने वाले पुलिस जवान तनाव से दूर रहकर, समय प्रबंधन कर खुद के लिए समय निकाल सकते हैं। कोरोना पर नियंत्रण के बाद अब जल्द ही इस दिशा में काम शुरु हो जाएगा। पहले ये प्रशिक्षण कोरोना की पहली लहर के बाद होना था लेकिन दूसरी लहर आने के बाद ये ट्रेनिंग टल गई। अब पुलिस जवानों की ये ट्रेनिंग की जाएगी। ये क्लास ऑनलाइन होगी।

आईआईएम जानेगा पुलिस की असल समस्याएं :
पुलिस जवानों की क्लास शुरु करने से पहले आईआईएम उनकी असल समस्याओं और बुनियादी जरुरतों के साथ ही उनकी अपेक्षाओं के बारे में सर्वे करेगा। इसके लिए अलग-अलग जिलों के आठ हजार कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल से एक प्रश्रोत्तरी भरवाई जाएगी। इस प्रश्रोत्तरी में उनकी समस्याओं, जरुरतों, कठिनाइयों और उनके सुझावों से संबंधित सवाल किए जाएंगे। इस प्रश्रोत्तरी को गोपनीय रखा जाएगा ताकि जवान अपनी बात बिना हिचक और डर के कह सकें। इसी प्रश्रोत्तरी पर आए जवाबों के आधार पर आईआईएम उनको तनाव प्रबंधन, समय प्रबंधन और स्व प्रबंधन के टिप्स देगा।

सिखाया जाएगा कॉन्फ्लिक्ट मैनेजमेंट :
बदलते वक्त के साथ पुलिस की चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। कभी-कभी पुलिस के लिए स्थितियां इतनी कठिन होती हैं जब लॉ एंड ऑर्डर के हालात बिगड़ जाते हैं। आंदोलन और विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों के साथ टकराव की स्थिति पैदा हो जाती है। इस तरह की चुनौतियों से निपटने के लिए भी पुलिस के जवानों को ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रदेश के चुनिंदा पुलिस अफसर आईआईएम,इंदौर में तीन दिन की ट्रेनिंग ले चुके हैं। अब जवानों को भी ये सिखाया जाएगा। इस ट्रेनिंग में कॉन्फ्लिक्ट मैनेजमेंट यानी टकराव प्रबंधन और बेसिक ऑफ निगोशिएशन यानी बातचीत के गुर सिखाए जाएंगे। इस क्लास में काम और व्यक्तिगत जीवन के बीच सामंजस्य बनाने के साथ ही मौके पर विपरीत हालात होने पर गुस्से पर नियंत्रण रखने और उचित उपाय अपनाकर तत्कालीन विवाद टालने के टिप्स भी जाएंगे।

पीएचक्यू और आईआईएम के बीच करार :
जनवरी 2020 में पुलिस मुख्यालय और आईआईएम के बीच करार हुआ था। इस एमओयू में प्रबंधन के अलग-अलग विषयों पर आईआईएम के जरिए पुलिस की ट्रेनिंग कराई जाएगी। इसमें क्राइम मैनेजमेंट, पब्लिक मैनेजमेंट, पुलिस-पब्लिक संबंध, ट्रेफिक मैनेजमेंट और तनाव रहित काम के गुर सिखाए जाएंगे। इसकी शुरुआत पुलिसकर्मियों की पत्नियों के वित्तीय प्रबंधन के साथ हो चुकी है। अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इंदौर में इसकी शुरुवात हुई है, अब प्रदेश के अन्य जिलों में पुलिस परिवार की महिलाओं को वित्तीय प्रबंधन सिखाने और उनका स्किल डेवलपमेंट करने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी।


समय के साथ पुलिस की चुनौतियां बढ़ी हैं। इनसे निपटने के लिए उनको और ज्यादा एफीशिएंट बनने की आवश्यकता हमेशा रहती है। इस तरह के प्रशिक्षण से उनके प्रबंधकीय कौशल में इजाफा होता है। सरकार की हमेशा यही कोशिश है वे सभी नवाचार करें जिससे और बेहतर पुलिसिंग हो सके। - नरोत्तम मिश्रा गृह मंत्री,मप्र -

आईआईएम पुलिस जवानों को प्रशिक्षण देगा। कोरोना की दूसरी लहर के कारण ये प्रशिक्षण टल गया था लेकिन अब स्थितियां बेहतर होने के बाद इस पर काम शुरु हो सकेगा। - विवेक जौहरी डीजीपी -

Arun Tiwari
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