scriptIn 1 month only 60 percent of children got the vaccine | मंडराने लगा है कोरोना का खतरा, लेकिन सिर्फ 60 फीसदी बच्चों को लगी वैक्सीन | Patrika News

मंडराने लगा है कोरोना का खतरा, लेकिन सिर्फ 60 फीसदी बच्चों को लगी वैक्सीन

-कोरोना खत्म हुआ तो बनाई टीके से दूरी
-एक महीने में महज 60 फीसदी बच्चों को लगी वैक्सीन
-23 मार्च से शुरू हुआ था बच्चों का टीकाकरण

भोपाल

Published: April 19, 2022 03:19:12 pm

भोपाल। कोरोना संक्रमण खत्म होते ही लोगों ने टीके से दूरी बनाना शुरू कर दी है। यही कारण है कि शहर में टीकाकरण अभियान लगभग ठप्प सा पड़ गया है। बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए जोर शोर से किया गया अभियान भी मंद पड़ गया है। बीते एक सप्ताह में 12 से 14 साल के 800 बच्चों को ही टीका लगा है। बच्चों के टीकाकरण के लिए 86,000 का लक्ष्य था। अब तक सिर्फ 47,000 को ही वैक्सीन की डोज दी जा सकी है।

covid_vax_illustration.jpg
vaccine

स्कूल में छुट्टी और परीक्षा बड़ा कारण

मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बच्चों का वैक्सीनेशन कम होने का सबसे बड़ा कारण स्कूल में बच्चे उपलब्ध ना होना है। अधिकारिय का तर्क है कि कई स्कूलों में या तो परीक्षाएं चल रही हैं या छुट्टियां लग चुक हैं। ऐसे में बच्चे टीकाकरण के लिए उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर तेज गर्मी और कोविड संक्रमण कम होने के चलते भी बच्चे टीका लगवा से परहेज कर रहे हैं।

प्रदेश में सिर्फ 1 लाख 95 हजार बच्चों को ही लग सके टीके:

प्रदेश भी 12 से 14 वर्ष के 42 लाख बच्चों को वैक्सीन लगाई जानी थी लेकिन अ तक सिर्फ 19,50,000 बच्चों को ही वैक्सीन का पहला डोज लग सका है।

फिर से चिंता सताने लगी

प्रदेश के ग्वालियर शहर में कोरोना की दो हफ्ते बाद एक बार फिर से वापसी हो गई है। इससे अब फिर से चिंता सताने लगी है। शहर में 4 अप्रेल को एक्टिव केस शून्य होने के बाद से एक भी कोरोना का मामला नहीं था। इसी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने भी हर तरफ लापरवाही शुरू कर दी। स्वास्थ्य विभाग को जहां हर दिन 1200 सैंपलिंग करने का लक्ष्य दिया गया है। वहीं अब हर दिन मात्र 111 लोगों की सैंपलिंग ही की जा रही है। इससे आने वाले दिनों में कोरोना के मरीज बढने का खतरा सामने आने लगा है।

सोमवार को 12 से 18 अप्रैल तक जारी हुए हेल्थ बुलेटिन में एक एक्टिव केस सामने आया है। सिटी सेंटर निवासी एक कॉलेज की छात्रा संक्रमित आई हैं। छात्रा ने जांट कराई थी। जिसमें वह संक्रमित निकली। उसके बाद छात्रा और उसके परिजनको कोई भी लक्षण सामने नहीं आए है। स्वास्थ्य विभाग पर जहां मार्च में कर्मचारी ज्यादा थे तो सैंपलिंग के लिए वीटीएम वाइल काफी कम होने के कारण आंकड़ा कम हो गया था। लेकिन अब जब वाइल आ गई तो जांच कराने वालों की टीम के सदस्यों नहीं है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

बुध जल्द वृषभ राशि में होंगे मार्गी, इन 4 राशियों के लिए बेहद शुभ समय, बनेगा हर कामज्योतिष: रूठे हुए भाग्य का फिर से पाना है साथ तो करें ये 3 आसन से कामजून का महीना किन 4 राशियों की चमकाएगा किस्मत और धन-धान्य के खोलेगा मार्ग, जानेंमान्यता- इस एक मंत्र के हर अक्षर में छुपा है ऐश्वर्य, समृद्धि और निरोगी काया प्राप्ति का राजराजस्थान में देर रात उत्पात मचा सकता है अंधड़, ओलावृष्टि की भी संभावनाVeer Mahan जिसनें WWE में मचा दिया है कोहराम, क्या बनेंगे भारत के तीसरे WWE चैंपियनफटाफट बनवा लीजिए घर, कम हो गए सरिया के दाम, जानिए बिल्डिंग मटेरियल के नए रेटशादी के 3 दिन बाद तक दूल्हा-दुल्हन नहीं जा सकते टॉयलेट! वजह जानकर हैरान हो जाएंगे आप

बड़ी खबरें

'तमिल को भी हिंदी की तरह मिले समान अधिकार', CM स्टालिन की अपील के बाद PM मोदी ने दिया जवाबहिन्दी VS साऊथ की डिबेट पर कमल हासन ने रखी अपनी राय, कहा - 'हम अलग भाषा बोलते हैं लेकिन एक हैं'Asia Cup में भारत ने इंडोनेशिया को 16-0 से रौंदा, पाकिस्तान का सपना चूर-चूर करते हुए दिया डबल झटकाअजमेर की ख्वाजा साहब की दरगाह में हिन्दू प्रतीक चिन्ह होने का दावा, पुलिस जाप्ता तैनातबोरवेल में गिरा 12 साल का बालक : माधाराम के देशी जुगाड़ से मिली सफलता, प्रशासन ने थपथपाई पीठममता बनर्जी का बड़ा फैसला, अब राज्यपाल की जगह सीएम होंगी विश्वविद्यालयों की चांसलरयासीन मलिक के समर्थन में खालिस्तानी आतंकी ने अमरनाथ यात्रा को रोकने की दी धमकीलगातार दूसरी बार हैदराबाद पहुंचे PM मोदी से नहीं मिले तेलंगाना CM केसीआर
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.