गौरव गृह निर्माण सोसायटी में प्लॉट आवंटन मामले में सहकारिता उपायुक्त को दिए नोटिस में लीपापोती

- अफसरों ने नोटशीट चलाकर दबा दिया मामला, नोटिस का जवाब तक बताने को तैयार नहीं अफसर, कैसे मिले आम आदमी को इंसाफ।

भोपाल. गौरव गृह निर्माण सोसायटी में पत्नी के नाम पर प्लॉट खरीदने के मामले में सहकारिता उपायुक्त बबलू सातनकर को नोटिस और कार्रवाई के मामले में उच्च स्तर पर लीपापोती शुरू हो गई है। नोटिस का जवाब आने के बाद भी अफसर कार्रवाई करने से कन्नी काट रहे हैं। जबकि उपायुक्त बबलू सातनकर रजिस्ट्री और दस्तावेजों में पूरी तरह फंस चुके हैं। जानकारों की मानें तो अब तक उन पर कार्रवाई के बाद सोसायटी में और कितने अफसरों को लोगों प्लॉट आवंटित हुए हैं, उसकी जांच शुरू हो जानी चाहिए थी। यही स्थिति रोहित गृह निर्माण सोसायटी में भी रही है। यहां भू माफिया घनश्याम राजपूत के भ्रष्टाचारों का खुलासा होने के बाद भी प्रशासन और सहकारिता विभाग ने दिखावे की कार्रवाई की पीडि़तों को आज तक प्लॉट नहीं मिले।

दरअसल गौरव गृह निर्माण सोसायटी में, वर्तमान उपायुक्त सहकारिता बबलू सातनकर की पत्नी सुनीता सातनकर को जिस प्लॉट की रजिस्ट्री कराई गई। उस समय वे सोसायटी में सदस्य भी नहीं थीं। आरोप है कि फर्जीवाड़ा कर उनकी एंट्री कराई गई और प्लॉट बेचा गया। अनीता विष्ट ने ये रजिस्ट्री कराई है, उस समय वे ही इस सोसायटी में अध्यक्ष थीं। इसमें हैरानी की बात ये है कि इस सोसायटी में 44 संस्थापक सदस्य थे जिन्होंने 1982 में पैसे एकत्र कर बावडियाकला में पांच एकड़ जमीन खरीद थी। वे एक-एक कर बाहर होते गए और बाहर के लोग सहकारिता अफसरों से साठगांठ कर चुनाव करा अन्य लोगों की एंट्री कराने के बाद मनमर्जी करते रहे।

दिनेश त्रिवेदी और अनीता विष्ट हैं मुख्य

गौरव, हेमा, महाकाली, लाला लाजपत राय, गुलाबी गृह निर्माण सोसायटी में दिनेश त्रिवेदी और अनीता विष्ट दो लोगों के नाम प्रमुखता से सामने आते हैं। ये सोसायटियां एक ही पते पर संचालित रही हैं। कभी किसी में कोई अध्यक्ष बन जाता है तो कोई सदस्य। अधिकांश की जमीनें भी बावडिय़ाकला की प्राइम लोकेशन पर हैं। बड़ी बात ये कि जांच के बाद शाहपुरा थाने में छह लोगों के नाम एफआईआर हुई। जिसमें इन दोनों के भी नाम हैं। लेकिन सहकारिता विभाग और पुलिस दोनों ने कार्रवाई नहीं की।

प्रशासक ने शून्य नहीं कराई रजिस्ट्री
गौरव गृह में अवैधानिक तरीके से आवंटित किए गए भूखंड के मामले में प्लॉटों की रजिस्ट्री शून्य कराने के मामले में विधानसभा में लगे प्रश्न के बाद गौरव गृह निर्माण सोसायटी के प्रशासक आरएस उपाध्याय को प्लॉटों की रजिस्ट्री शून्य करने के लिए पत्र लिखा था। लेकिन उस पर अभी तक अमल नहीं हुआ। किसी प्लॉट की रजिस्ट्री शून्य नहीं हुई।

वर्जन

सहकारिता उपायुक्त बबलू सातनकर की तरफ से नोटिस का जवाब मिल गया है। हमें कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। शासन को जानकारी भेजेंगे। सोसायटी के बारे में और भी जानकारी मिली है।
नरेश पाल, आयुक्त सहकारिता

प्रवेंद्र तोमर Reporting
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