प्रदेश में हत्या, अपहरण और अपराध का उद्योग चल रहा : शिवराज अपना कार्यकाल याद करो, बलात्कार का अड्डा बना दिया था : मंत्री

प्रदेश में हत्या, अपहरण और अपराध का उद्योग चल रहा : शिवराज अपना कार्यकाल याद करो, बलात्कार का अड्डा बना दिया था : मंत्री
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Anil Chaudhary | Updated: 18 Jul 2019, 07:51:11 AM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

विधानसभा : कानून व्यवस्था पर हंगामा, सदन स्थगित, भाजपा का बहिर्गमन

भोपाल. विधानसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान कानून व्यवस्था को लेकर जमकर हंगामा हुआ। भाजपा सदस्य भोपाल में बच्चे की हत्या सहित अन्य अपराध का हवाला देकर कानून व्यवस्था पर चर्चा के लिए अड़ गए। इस पर दो बार सदन स्थगित करना पड़ा। बाद में भाजपा ने सदन का बहिर्गमन कर दिया। इससे प्रश्नकाल व शून्यकाल दोनों हंगामे की भेंट चढ़ गए।


प्रश्नकाल शुरू होते ही पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा- प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त है। इस पर नेता-प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने राजधानी में बच्चियों से बलात्कार सहित अन्य घटनाओं को उठाया। भाजपा सदस्य नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि बलात्कारियों को एक महीने में फांसी दिलाई जाए। प्रश्नकाल रोककर कानून व्यवस्था पर चर्चा हो।

संसदीय कार्य मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और जीतू पटवारी ने प्रश्नकाल रोकने को गलत ठहराया। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया। शिवराज ने 12 साल की बच्ची से बलात्कार का मामला उठाते हुए कहा कि प्रदेश में हत्या, बलात्कार और अपराध का उद्योग बन गया है। इस पर मंत्री सज्जन ने कहा कि अपना कार्यकाल याद करो।

मध्यप्रदेश हिन्दुस्तान में बलात्कार का अड्डा बन गया था। इसके बाद दोनों ओर से बहस शुरू हो गई। भाजपा ने जब कानून व्यवस्था खराब होने की बात कही तो सत्ता पक्ष ने भाजपा को उनके पंद्रह साल याद दिलाए, जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया।

शिवरान ने कहा कि सीएम और गृह मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए, इस पर बहस बढ़ती गई, जिसके चलते विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति को दो बार सदन स्थगित करना पड़ा। पहले 11.12 बजे पांच मिनट और फिर 11.28 बजे 12 बजे तक के लिए सदन स्थगित हुआ।

इसके बाद वापस सदन शुरू हुआ तो नरोत्तम ने व्यवस्था का प्रश्न उठा दिया। भाजपा विधायक कानून व्यवस्था पर चर्चा के लिए अड़ गए। पहले विरोध में नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में उतरे और फिर बहिर्गमन कर दिया।

- उज्जैन कांड पर चर्चा की मांग

मंत्री प्रद्युम्न सिंह ने कानून व्यवस्था पर चर्चा की मांग कर रहे भाजपा सदस्यों को जवाब में कहा कि उज्जैन कांड पर भी चर्चा कराई जानी चाहिए। इस पर फिर हंगामा बढ़ गया। कानून व्यवस्था पर स्थगन लाकर चर्चा कराने को लेकर भार्गव ने चिल्ला-चिल्लाकर विरोध जताया।

- शून्यकाल भी हंगामे की भेंट चढ़ा

स्पीकर ने शून्यकाल में शिवराज को कानून व्यवस्था पर बोलने की मंजूरी दी, लेकिन शिवराज बोलने लगे तो फिर हंगामा शुरू हो गया। शिवराज ने कहा कि प्रदेश में उद्योग, अपहरण, अपराध का उद्योग चल रहा है। मेरे पास मई व जून के आंकड़े हैं।

इस पर गोविंद सिंह ने टोका कि 13 साल मुख्यमंत्री रहे हो, नियमों का ज्ञान है, इसलिए विषय पर ही बोलिए। शिवराज फिर बोले तो हंगामा होने लगा। इस पर अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाई, जिसके बाद भाजपा विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में उतर गए।

गोपाल भार्गव, शिवराज, नरोत्तम सहित अन्य भाजपा विधायकों ने बहिर्गमन कर दिया। इसके बाद अध्यक्ष ने ध्यानाकर्षण ले लिया। पहला ही ध्यानाकर्षण नरोत्तम मिश्रा का था, इसलिए बहिर्गमन के बीच से ही वे वापस आए और ध्यानाकर्षण पढ़ा।


- सतना में अरबों की जमीन खुर्द-बुर्द

राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अपने लिखित जवाब में माना है कि सतना की रघुराजनगर तहसील में सरकार की अरबों रुपए की जमीन भू-माफिया ने अधिकारियों के साथ मिलकर खुर्द-बुर्द कर दी। मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने इस संबंध में सवाल उठाए हैं। राजस्व मंत्री ने कहा जमीनों की गड़बडिय़ों के संबंध में जांच चल रही है, निष्कर्ष आने पर कार्रवाई की जाएगी।

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