स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी कलेक्टर को दिए निर्देश- स्कूल सिर्फ ट्यूशन फीस ही लें, ज्यादा फीस लेने वालों पर कार्रवाई करें

जिन स्कूलों ने फीस की घोषणा नहीं की, वह स्कूल पिछले साल के आधार पर घोषित ट्यूशन फीस लेंगे।

By: Pawan Tiwari

Published: 07 Sep 2020, 12:40 PM IST

भोपाल. कोरोना काल में स्कूल कब खुलेंगे इसको लेकर अभी भी संशय बना हुआ है, लेकिन प्रायवेट स्कूलों द्वारा फीस का मामला सरकार और अभिभावकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने ट्यूशन फीस को लेकर सभी कलेक्टर को निर्देश दिए हैं। इस निर्देश में कहा गया है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब स्कूल सिर्फ ट्यूशन फीस ही ले सकते हैं।

सभी निजी स्कूल 24 मार्च 2020 की स्थिति में सिर्फ ट्यूशन फीस ले सकते हैं। अधिक फीस वसूलने वाले स्कूलों के खिलाफ नियमों के तहत कार्यवाही की जाएगी। इधर, सोमवार सुबह 7 बजे से सुबह 10 बजे एमपी बोर्ड की 9 वीं से लेकर 12वीं तक की कक्षाओं की ऑनलाइन क्लास शुरू नहीं हो सकी। इसका प्रसारण दूरदर्शन पर होना था। पीएस स्कूल शिक्षा विभाग ने इसे रद्द कर दिया है।

पहले की घोषणा के अनुसार ही फीस ली जाएगी
उप सचिव केके द्विवेदी ने बताया कि मार्च तक कई स्कूलों ने सत्र 2020-21 की फीस को लेकर घोषणा कर दी थी। इसकी जानकारी भी उन्होंने दे दी थी। इसमें सिर्फ ट्यूशन फीस ही स्कूलों को लेना होगी। जिन स्कूलों ने फीस की घोषणा नहीं की, वह स्कूल पिछले साल के आधार पर घोषित ट्यूशन फीस लेंगे।

कानून बनाने जा रहे हैं
निजी स्कूलों की फीस को लेकर हाल ही में प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा था हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों के फीस वसूलने पर रोक लगाई है, वह सिर्फ ट्यूशन फीस ले सकते हैं। उन्होंने कहा था कि कहीं पर फीस वसूली जा रही है और उसकी शिकायत मिली तो हम स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। हालांकि उन्होंने ये भी कहा था कि निजी स्कूलों पर सरकार का बहुत ज्यादा नियंत्रण नहीं है, फीस वाले मामले में खासकर, इसे लेकर हम कानून भी बनाने जा रहे हैं। मंत्री ने कहा था कि फीस जमा नहीं होने पर भी छात्रों के नाम नहीं काटे जाएंगे।

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