भोपाल के इस अंतरराष्ट्रीय मेले में आएंगे विदेशों से भी लोग! परंपरागत इलाज की औषधियों से लेकर जानिये क्या कुछ होगा खास

- औषधियों के जानकार भी होंगे शामिल
- 18 से 22 दिसंबर तक चलेगा ये अंतरराष्ट्रीय मेला

भोपाल। वैसे तो आपने देश में लगने वाले कई मेलों के बारे में सुना ही होगा। जैसे ग्वालियर का मेला या मैसूर और कुल्लूमनाली का मेला यहां तक की कई मामलों में प्रसिद्ध कोटा के मेले से जुड़ी बातें भी आपसे छिपी नहीं होंगी। ये सभी मेले केवल देश में ही नहीं आस पास के पड़ोसी देशों में भी काफी अच्छी तरह से पहचाने जाते हैं।

लेकिन क्या आप जानते है ऐसा ही एक बड़ा मेला आगामी कुछ दिनों में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी लगने जा रहा है, लेकिन ये मेला इन मेलों से कई मायनों में अलग होगा। साथ ही अन्य मेलों की तरह इसमें भी विदेशों से कई लोगों के आने का अनुमान लगाया जा रहा है।

भोपाल के इस अंतरराष्ट्रीय मेले में आएंगे विदेशों से भी लोग! परंपरागत इलाज की औषधियों से लेकर जानिये क्या कुछ होगा खास

दरअसल भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में 18 से 22 दिसंबर तक अंतरराष्ट्रीय विंध्य हर्बल मेला पर लगने वाला है। जिसे लेकर न केवल भोपाल के लोग बल्कि दूसरी जगहों के लोग भी काफी उत्साहित हैं।

जानकारी के अनुसार तकरीबन दो साल बाद आयोजित होने जा रहे इस मेले में ग्राहकों को लाने के लिए कवि सम्मेलन, लॉफ्टर-शो की व्यवस्था की जा रही है।

इसके साथ ही मेले के दौरान यहां प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। मेले में एशियाई देशों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने का जिम्मा आईआईएफएम (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट) को सौंपा गया है।

ऐसे किया इंतजाम!...
मेला आयोजन स्थल पर तैयारियां करने के लिए एक फर्म को ठेका दिए जाने की बात सामने आ रही है। डोम, टेंट, अस्थाई दुकानें और अन्य सभी इंतजाम यही संस्था करके देगी।

भोपाल के इस अंतरराष्ट्रीय मेले में आएंगे विदेशों से भी लोग! परंपरागत इलाज की औषधियों से लेकर जानिये क्या कुछ होगा खास

ये होगा खास...
वन मेले में परंपरागत इलाज करने वाले औषधि के जानकार आते हैं और प्रदेश के जंगलों से इकठ्ठा की गईं औषधियां भी लाई जाती हैं। जिसके कारण राजधानी के लोगों को सालभर इंतजार रहता है।

पिछली बार यानि नवंबर 2018 में विधानसभा चुनाव के चलते मेले का आयोजन नहीं हो सका, जिसके चलते लोगों का ये इंतजार लंबा हो गया। वहीं इस बार के आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के आने की उम्मीद जताई जा रही है। मप्र राज्य लघु वनोपज संघ के अधिकारियों के अनुसार इस बार मेले तक लोगों को लाने के लिए नए प्रयोग किए जा रहे हैं।

इन देशों को किया आमंत्रित...
इस बार मेले में ग्रामीणों को अपनी औषधि के लिए प्लेटफार्म उपलब्ध कराने इस बार नेपाल, भूटान, श्रीलंका, म्यांमार, मलेशिया, कंबोडिया, थाईलैंड, वियतनाम के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।

दरअलस मेले में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन किया जाता है। इसमें वन समितियों के सदस्य, ग्रामीण, औषधियों के जानकार और विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं।

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दीपेश तिवारी
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