ये हाल! सात साल में सात कदम भी आगे नहीं बढ़ा भोपाल AIRPORT

ये हाल! सात साल में सात कदम भी आगे नहीं बढ़ा भोपाल AIRPORT
AIR POART BHOPAL

हजयात्रा के अलावा भोपाल एयरपोर्ट से नहीं जाती विदेशों के लिए कोई फ्लाइट


भोपाल.
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने  वर्ष 2009 में दावा किया था कि यात्री अब भोपाल से सीधे विदेश के लिए उड़ान भर सकेंगे। इसके लिए नया इंटीग्रेटेड भवन बना, रनवे तैयार हुआ। लेकिन आज ये हालत है कि हजयात्रा को छोड़ दें तो कोई विदेशी उड़ान यहां से नहीं जाती। उल्टा, 2009-10 में कई घरेलू उड़ाने बंद हो गई हैं। यानी सात साल पहले अंतरराष्टीय स्तर की सुविधाएं विकसित करने के बाद भी एयरपोर्ट आगे बढऩे की बजाय पीछे चला गया है। साल में महज पांच दिन हज यात्रा के दौरान इसे अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलता है।

कुछ ऐसे थे दावे
1. अमेरिका समेत कई बड़े देशों के लिए सीधी उड़ान मिलेगी।
2. विदेशी पर्यटक सीधे भोपाल आ पाएंगे।
3. हवाई सेवाओं से जुड़े कारोबार बढ़ेंगे।
4. बड़े कार्गो यहां से उड़ान भरेंगे।  

....और ये है हकीकत
2010 तक अहमदाबाद, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता, रायपुर सीधी उड़ानें थीं, जो बंद हो गईं। स्पाइस जेट ने कारोबार समेट लिया। 2010-11 तक 25 फ्लाइट् थीं। अब 10 रह गईं हैं।

ये हैं कमियां
-एयरपोर्ट पर वेटिंग लाउंज बेहतर नहीं है। रेस्टोरेंट नहीं है।
-टर्मिनल के बाहर पीने के पानी की सुविधा नहीं है।
-पार्किंग दूर है।
-एयरपोर्ट पर स्मोकिंग रूम भी सिक्युरिटी होल्ड एरिया में है।
-यात्रियों के लिए आधा दर्जन बेड चेयर होना चाहिए।
-पोर्टर ट्रॉली धकेलने के पैसे मांगते हैं।
-गाड़ी की पार्किंग 5 मिनट की है। इसे 10 मिनट होना चाहिए।

यह करना था नहीं हुआ

1. भोपाल एयरपोर्ट को डीजीसीए से नाइट पार्किंग की मंजूरी है, लेकिन रात में विमान खड़े नहीं होते। छोटी विमान कंपनी को यहीं से अपनी सेवाएं शुरू करने के लिए मनाया जा सकता था।
2. यात्री संख्या बढ़ाने प्रदेश के अन्य शहरों से एयरपोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी दे सकते थे।
3. प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देकर यात्रियों को आमंत्रित करना था।
4. यहां बिजनेस हब के तौर पर उभरकर व्यवसायियों को आकर्षित करना था।
5. सस्ती दरों मंे घरेलू उड़ाने शुरू  करनी थीं।
नोट :  एयर ट्रैफिक एक्सर्ट सुनील नौतानी व अन्य के अनुसार

फैक्ट फाइल
-135 करोड़ की लागत से बना है नया इंटीग्रेटेड भवन
-9000 फीट का रनवे हो चुका है तैयार
-1200 यात्री रोज उड़ान भरते थे छह साल पहले तक
-500 ही रह गई है अब संख्या

विमान सेवाओं के लिए सबसे पहली शर्त है यात्री। विमान के यात्री पर्यटक, व्यवसायी-कारोबारी होते हैं। भोपाल में इनके लिए माहौल तैयार नहीं किया गया।
- फिरोज खान, रिटायर्ड अधिकारी, एयर इंडिया

इंदौर में भोपाल से दस गुना एयर टै्रफिक है। एयरपोर्ट अथॉरिटी इंदौर के एयरपोर्ट तक वॉल्वो बस से यात्रियों को  जोड़ दे तो भोपालवासियों को भी इसका लाभ मिल सकता है।
- पंकज चतुर्वेदी, ट्रैवल कारोबारी

एयर टै्रफिक कैसे बढ़े, इसके लिए योजना सरकारी स्तर पर तैयार की जाए तो ठीक है।
- राकेश बाहेती, प्रबंधक, एयरपोर्ट 

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