अनाज भंडारण के लिए कोकून गोदाम बनाने निवेशकों ने नहीं दिखाई रुचि, ओपन कैप बनाने की तैयारी

- दस स्थानों पर बनाए जाएंगे जाएंगे ओपन कैप

By: Ashok gautam

Published: 07 Mar 2020, 05:04 AM IST

अनाज भंडारण के लिए कोकून गोदाम बनाने निवेशकों ने नहीं दिखाई रुचि, ओपन कैप बनाने की तैयारी

- दस स्थानों पर बनाए जाएंगे जाएंगे ओपन कैप
भोपाल। अनाज भंडारण के लिए प्रदेश में कोकून गोदाम बनाने लिए निवेशकों ने रुचि नहीं दिख रहे हैं। अब सरकार प्रदेश के दस स्थानों पर ओपन कैप बनाने की तैयारी कर रही है। भंडार निगम ने ओपन कैप बनाने के लिए कलेक्टरों से भूमि अधिग्रहण करने के लिए कहा है। कैप का निर्माण अगले माह से प्रारंभ कर दिया जाएगा, जिससे दो माह के अंदर यह कैप बन गेहूं रखने के लिए तैयार हो सकें।

प्रदेश में इस वर्ष गेहूं सहित अन्य अनाजों के खरीदी का लक्ष्य सौ लाख मिट्रिक टन से अधिक रखा गया है। जबकि गेहूं भंडारण के लिए अभी तक भंडार निगम के पास मात्र 50 लाख टन गोदामों की ही व्यवस्था हो पाई है। रबी के अनाज भंडारण के धान की मिलिंग और पिछले साल के गेहूं उठाने के लिए एफसीआई को कहा गया है। भंडार निगम और खाद्य आपूर्ति निगम का मानना है कि जून तक करीब दस लाख टन गेहूं का उठाव हो जाएगा। इसी तरह से दस लाख टन धान की मिलिंग के लिए भेज दी जाएगी। इससे करीब दस लाख टन गोदाम खाली हो जाएगा। इसके अलावा बीस लाख टन के लिए ओपन कैप के लिए पहले टेंडर जारी किए गए थे और दस लाख टन भंडारण के लिए अब फिर से टेंडर जारी करने की तैयारी की जा रही है। इससे करीब 70 लाख टन गेहूं को गोदामों में रखा जा सकेगा।

इसके अलावा जिन जिलों में ज्यादा गेहूं की खरीदी होगी उसे दूसरे जिले में, जहां गोदामों की व्यवस्था है वहां गेहूं परिवहन कर रखा जाएगा। बताया जाता है कि एफसीआई के वेस्टन जोन के अधिकारियों ने अनाज भंडारण की समस्या के संबंध में गुरूवार को भोपाल में मप्र भंडार निगम और खाद्य आपूर्ति निगम के अधिकारियों के साथ एक बैठक हुई है। जिसमें उन्होंने ओपन कैप बनाने की व्यवस्था और उसमें आने वाली लागत की राशि देने का भी एफसीआई के अधिकारियों ने आश्वासन अधिकारियों को दिया है।

पिछले वर्ष का गेहूं उठाने पर जोर
प्रदेश के गोदामों में पिछले वर्ष का करीब 40 लाख टन गेहूं रखा है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने वेस्टन जोन के अधिकारियों से उसे जल्द उठाने करने के लिए आग्रह किया है। बताया जाता है कि मध्य प्रदेश से करीब 7 लाख टन प्रति माह गेहूं का उठाव होना चाहिए थे, लेकिन इस अनुपात से गेहूं का उठाव नहीं हुआ है। एफसीआई के अधिकारियों ने गेहूं उठाव की गति में तेजी लाने के संबंध में भी केन्द्र के अधिकारियों के समक्ष प्रस्ताव रखने के संबंध में कहा है।

Ashok gautam
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