वर्ष 2018-19 की आयकर विवरणी 30 जून तक कर सकेंगे फाइल

लॉकडाउन के कारण बढाई तारीख

भोपाल। वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए आयकर विवरणी फाइल करने की ड्यू डेट 31 जुलाई 2019 एवं 30 सितंबर 2019 थी किंतु ऐसा व्यक्ति जो समय सीमा में आयकर विवरणी फाइल नहीं कर पाए वह 31 मार्च 2020 तक लेट फीस के साथ अपनी आयकर विवरणी फाइल कर सकते थे। किंतु लॉक डाउन के कारण 31 मार्च तक संभव नहीं है। इसे ध्यान रखते हुए मंत्रालय ने इस तारीख को बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया है इसका अर्थ यह है कि आयकर विवरणी वर्ष 2018 19 की विवरण 30 जून 2020 तक फाइल की जा सकेगी। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2,000 1920 में आयकर की धारा 80 सी एवं अन्य प्रावधानों के अंतर्गत छूट प्राप्त करने के लिए किए जाने वाले निवेश की अंतिम तिथि 31 मार्च 2020 थी इसे बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया गया है। इसका अर्थ यह है कि कोई भी व्यक्ति जो आयकर की धारा 80 सी एवं अन्य प्रावधानों के अंतर्गत छूट प्राप्त करना चाहता है वह 30 जून 2020 तक निवेश कर सकता है।
किसमें किए जाए निवेश

एलआईसी (भारतीय जीवन बीमा निगम) की विभिन्न योजनाओं में. हेल्थ इंश्योरेंस. पीपीएफ . म्यूचल फंड. बैंक एफडी. नेशनल पेंशन स्कीम आदि में 30 जून 2020 तक निवेश किया जा सकता है
वित्त वर्ष को बढ़ाने की घोषणा नहीं

निवेशक इस बात को लेकर चिंतित है या जानना चाह रहे की वित्तीय वर्ष को 31 मार्च से आगे बढ़ाने की कोई घोषणा की गई है क्या? जानकारों का कहना है कि अभी इस तरह की कोई घोषणा सरकार ने नहीं की है लेकिन जो योजनाएं निवेश की ऊपर बताई गई है उनमें निवेश किया जा सकता है सीए नवनीत गर्ग का कहना है कि ऐसे करदाता जिन्होंने अभी तक किसी भी स्कीम में निवेश नहीं किया है वे 30 जून 2020 तक अपना निवेश कर सकते हैं।

सुनील मिश्रा
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