उज्जैन एयरपोर्ट के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मांगी जमीन और 200 करोड़ रुपए

Jyotiraditya Scindia: मध्यप्रदेश में फ्लाइट और एयरपोर्ट विस्तार के क्रम में उज्जैन को मिलेगी सौगात...।

By: Manish Gite

Published: 07 Sep 2021, 02:34 PM IST

भोपाल। मध्यप्रदेश में नई उड़ानों की शुरुआत करने के बाद अब महाकाल की नगरी उज्जैन में भी एयरपोर्ट बनाया जाएगा। नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (civil aviation minister Jyotiraditya Scindia ) ने मंगलवार को जमीन आवंटन करने और 200 करोड़ रुपए आवंटित करने के लिए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है। इससे एक दिन पहले उज्जैन आए सिंधिया ने हवाई पट्टी का विस्तार और एयरपोर्ट बनाने की बात कही थी।

 

नागर विमानन मंत्री बनने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya m Scindia ) मध्यप्रदेश को कई सौगातें दे रहे हैं। ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर को कई बड़े शहरों से जोड़ने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट शुरू करवाने के साथ ही इंदौर और जबलपुर हवाई अड्डे के भी विस्तारीकरण की शुरुआत कर चुके हैं। इसी के साथ वे महाकाल की नगरी उज्जैन में भी हवाई अड्डा बनवाना चाहते हैं, जहां देश-विदेश से लोग पहुंच सकें। वर्तमान में उज्जैन में महज एक हवाई पट्टी है, यहां छोटे विमान या हेलीकाप्टर लैंड किए जा सकते हैं। या इंदौर हवाई अड्डे के जरिए ही उज्जैन पहुंचा जा सकता है।

 

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर उज्जैन हवाई पट्टी जो कि राज्य सरकार के स्वामित्व में है, वहां हवाई अड्डे के विकास के लिए आवश्यक भूमि और 200 करोड़ रुपए की पूंजी अनुमानित व्यय हेतु उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया। इससे हवाई अड्डे को प्रचालन-योग्य बनाया जा सकेगा।

 

क्या लिखा पत्र में

सिंधिया ने मंगलवार को शिवराज सिंह चौहान को लिखे पत्र में 27 अगस्त को लिखे पत्र का भी संदर्भ याद दिलाया है। उन्होंने लिखा है कि प्रदेश के विभिन्न हवाई अड्डों के विकास से संबंधित आपका सहयोग अपेक्षित है। उज्जैन हवाई पट्टी की हवाई दूरी इंदौर के देवी अहिल्याबाई होल्कर हवाई अड्डे से 42 किलोमीटर दूर है। जबकि सड़क मार्ग से इसती दूरी 55 किलोमीटर है। उज्जैन हवाई पट्टी पर मौजूदा भूमि लगभग 95.0 एकड़ उपलब्ध है। आरसीएस उड़ान योजना के अंतर्गत उज्जैन हवाई पट्टी के लिए अब तक कोई बोली नहीं प्राप्त हुई है।

 

200 करोड़ की मांग

सिंधिया ने लिखा है कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की ओर से उज्जैन हवाई अड्डे के मास्टर प्लान का अवलोकन किया गया यहां एटीआर 72 विमान के परिचालन के लिए फेज-1 में विकास के लिए अतिरिक्त 252 एकड़ भूमि और एयरबेस 320 एकड़ भूमि की जरूरत है। उज्जैन-देवास राजमार्ग और उसके पूर्व में सड़क का डायवर्जन भी जरूरी है। इसलिए फेज-1 में एटीआर72 विमान के परिचालन के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने के साथ ही 200 करोड़ रुपए की पूंजी वहन करें।

 

60 दिन में 400 फ्लाइट बढ़ी

इधर, सोमवार को उज्जैन में महाकाल की अंतिम सवारी में शामिल होने आए ज्योतिरादित्य सिंधिया इंदौर एयरपोर्ट पर लैंड हुए थे। उन्होंने कहा था कि हमने 60 दिन के अंदर 400 फ्लाइटें बढ़ाई हैं। मध्यप्रदेश में 820 फ्लाइट हो गई हैं।

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