कमलनाथ-सिंधिया की किलाबंदी करने बदले कलेक्टर

KRISHNAKANT SHUKLA

Publish: May, 18 2018 08:40:21 AM (IST)

Bhopal, Madhya Pradesh, India
कमलनाथ-सिंधिया की किलाबंदी करने बदले कलेक्टर

- नई सूची में सिंधिया के क्षेत्र में 5 और कमलनाथ के क्षेत्र में एक कलेक्टर

- ग्वालियर-चंबल और महाकौशल संभाग में डेढ़ माह में भेजे नए कलेक्टर, ग्वालियर और सिवनी कलेक्टर भी जल्द बदलेंगे

भोपाल. सरकार ने विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की चुनौती बन रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की घेराबंदी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन दिग्गज नेताओं के क्षेत्रों के जिलों की कमान अपने पसंदीदा अफसरों को सौंपी है।

इसका आगाज एक अप्रैल को कलेक्टर बदलने के साथ किया है। दोनों के संभागों के १६ में से ११ कलेक्टर डेढ़ माह दौरान बदल दिए गए। बीते बुधवार को जारी आइएएस अफसरों की तीसरी तबादला सूची में १० कलेक्टर भी शामिल थे। इनमें सिंधिया के प्रभाव वाले शिवपुरी, अशोकनगर, दतिया, भिंड व मुरैना और कमलनाथ के प्रभाव वाले डिंडोरी के कलेक्टर शामिल थे।

इससे ठीक पहल? नाथ ?? के गृह जिले छिंदवाड़ा में कलेक्टर बदला था। छह महीने बाद होने वाले चुनावों को देखते हुए यह घेराबंदी की गई है, ताकि ये नेता अपने इलाकों में कांग्रेस को बढ़त न दिला सकेें।

किसके इलाके में क्या बदलाव
ज्योतिरादित्य सिंधिया- ग्वालियर संभाग में पांच और चंबल संभाग में तीन जिले हैं।
गुना- राजेश जैन की जगह बी विजय दत्ता (१६ अप्रैल)
शिवपुरी- तरुण राठी की जगह शिल्पा गुप्ता (१६ मई)
अशोकनगर- बीएस जामौद की जगह मंजू शर्मा (१६ मई)
दतिया- मदन कुमार की जगह वीरेंद्र सिंह रावत (१६ मई)
मुरैना- भास्कर लक्ष्कार की जगह भरत यादव (१६ मई)
श्योपुर- पन्नालाल सोलंकी की सेवानिवृत्ति पर सौरभ कुमार सुमन (एक अप्रैल)
भिंड- इलैया राजा टी को हटाकर आशीष कुमार (१६ मई)

 

** कमलनाथ- महाकौशल में ८ जिले।
छिंदवाड़ा- जेके जैन की जगह पर वेदप्रकाश ( ७ मई)
जबलपुर- महेंद्रचंद्र चौधरी की जगह छवि भारद्वाज (१ अप्रैल)
कटनी- विशेष गढ़पाले की जगह बीएस चौधरी कोलसानी (१० मार्च)
डिंडोरी- अमित कुमार की जगह मोहित बिंदस (१६ मई)

- अभी और सख्त होगी घेराबंदी
कमलनाथ के संभाग में सिवनी, मंडला, नरसिंहपुर और बालाघाट में अभी और बदलाव की संभावना है। जून २०१७ में इन जिलों की कमान बदली थी, लेकिन सरकार घेराबंदी को और मजबूत करना चाहती है। सिवनी कलेक्टर गोपालचंद डाड और बालाघाट कलेक्टर डीवी सिंह के नाम सूची में आ सकते हैं। वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया के गृह नगर ग्वालियर के कलेक्टर राहुल जैन को भी हटाने की तैयारी है।

भाजपा संगठन ने भी कमलनाथ और सिंधिया को उनके ही गढ़ में घेरने के लिए रणनीति बनाई है। दोनों को उनकी लोकसभा सीट में ही रोकने की कोशिश है, ताकि दूसरी सीटों पर वे ध्यान न दे पाएं। २०१४ में केवल यह दोनों लोकसभा सीटें ही मोदी लहर से अछूती थी। बाद में रतलाम-झाबुआ लोकसभा सीट के उपचुनाव में कांग्रेस नेता कांतिलाल भूरिया ने जीत दर्ज कराई थी। इस सीट पर भी भाजपा ध्यान देगी।

- छिंदवाड़ा-गुना का रेकार्ड एेसा
छिंदवाड़ा-गुना सीट पर ३५ साल से कमलनाथ काबिज हैं। पहली बार १९८० में सांसद बने थे। १९९६ में पत्नी अलका नाथ को उतारा था। गुना लोकसभा सीट पर २००२ से ज्योतिरादित्य सिंधिया काबिज हैं। यह सीट हमेशा सिंधिया घराने के पास ही रही। कभी इस सीट पर दूसरा कोई नहीं जीत सका।

प्रशासनिक आधार पर कलेक्टरों के तबादले किए गए हैं। इनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। उन कलेक्टरों को बदला गया है, जिनको ज्यादा समय हो गया या प्रशासनिक दृष्टि से जिनकी दूसरी जगह उपयोगिता है।
- शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री

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