जिन योजनाओं पर कमलनाथ ने लगाया था ब्रेक, क्या अब उनके 'अच्छे दिन' आने वाले हैं?

कमलनाथ सत्ता में आते ही मीसाबंदी पेंशन योजना, संबल योजना, दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना और छात्रों को स्मार्टफोन देने जैसी तमाम योजनाओं को बंद कर दिया था।


भोपाल. मध्य प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही अब इस बात पर चर्चा होने लगी है कि क्या एक बार फिर उन योजनाओं के अच्छे दिन आने वाले हैं, जिन्हें कमलनाथ ने सत्ता में आते ही ब्रेक लगा दिया था। दरअसल, कमलनाथ सत्ता में आते ही मीसाबंदी पेंशन योजना, संबल योजना, दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना और छात्रों को स्मार्टफोन देने जैसी तमाम योजनाओं को बंद कर दिया था।

मीसाबंदी पेंशन योजना

कमलनाथ सत्ता में आते ही मीसाबंदी पेंशन योजना पर तत्‍काल रोक लगा दी थी। भाजपा की शिवराज सरकार इस योजना के जरिए उन लोगों को पेंशन देती थी, जिन्‍हें इमरजेंसी के दौरान मीसा कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था। शिवराज सरकार 2008 में यह योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत हर व्‍यक्ति को प्रत्‍येक माह 25 हजार रुपये पेंशन के तौर पर दिया जाता था।

संबल योजना

भाजपा की पिछली सरकार में मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना, संबल योजना शुरू की थी, जिसमें गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों के पुराने बिजली बिल माफ करने और दो सौ रुपए प्रतिमाह पर बिजली देने का प्रावधान था। शिवराज सराकर 2018 में चुनाव से ठीक पहले पूरे प्रदेश में इस योजना को लागू किया गया था, लेकिन कमलनाथ सरकार ने इसे खत्म कर दिया था।


गरीबों को सस्ते भोजन

कमलनाथ सरकार सत्ता में आते ही शिवराज सरकार की गरीबों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराने वाली दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना पर ताला लगा दिया था। शिवराज सरकार अप्रैल 2017 से गरीबों को पांच रुपये में दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना के तहत भोजन उपलब्ध कराती थी।

स्मार्टफोन योजना

शिवराज सरकार कॉलेज जाने वाले छात्रों के लिए स्मार्टफोन योजना शुरू की थी, जिसे कमलनाथ सरकार बाद बंद कर दिया था। इस योजना में छात्र को 2100 रुपये का स्मार्टफोन दिया जाता था। दरअशल, कॉलेजों में 75 फीसदी उपस्थिति होने वाले छात्रों को शिवराज सरकार स्मार्टफोन देती थी।

Kamal Nath
Show More
Devendra Kashyap
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned