रिपोर्ट का दावा: 9 महीने की कमलनाथ सरकार में 40 फीसदी कम हुई बेरोजगारी, रोजगार को लेकर बड़ा बदलाव

दिसंबर, 2018 को कमल नाथ ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।


भोपाल. मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने 9 महीने हो गए हैं। मुबंई की एक सर्वे कंपनी सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी ( CMIE ) की एक रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश में बीते 9 महीने में बेरोजगारी दर में कमी आई है। कमल नाथ सरकार ने प्रदेश में 9 महीनों में रोजगार के नए विकल्प खोले हैं।

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी मुंबई की एक बिजनेस इन्फॉर्मेशन कंपनी है। कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2018 में बेरोजगारी 7% थी लेकिन सितंबर 2019 के अंत तक बेरोजगारी गिरकर 4.2% हो गई है। वहीं, देश में अक्टूबर तक बेरोजगारी 8.1% तक पहुंच गई है। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने कहा- कमलनाथ सरकार ने दी बेरोज़गारी को मात। कमलनाथ सरकार अपने 10 माह के छोटे से कार्यकाल में में बेरोज़गारी दर को 40% तक कम करने में कामयाब रही है। वर्ष 2018 में जो बेरोज़गारी दर 7% थी, वो अब 4.2% ही रह गई है। ये कमलनाथ जी के कुशल नेतृत्व का कमाल है। वहीं, बीजेपी ने आंकड़ों पर सवाल उठाया और कहा कि अगर कोई सफलता है, तो यह केंद्र की योजनाओं के कारण है।

kamal nath


बेराजगारी कम हुई
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जनवरी 2019 से अगस्त 2019 तक ग्रामीण और शहरी रोजगार सृजन में एक 'बड़ा बदलाव' देखने को मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2019 में बेरोजगारी दर जनवरी में 4.76% से बढ़कर 6.47% हो गई, लेकिन अगस्त में घटकर 5.50% हो गई।

इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्यप्रदेश के श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा, यह मध्य प्रदेश सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। केंद्र सरकार को मध्यप्रदेश से सीखना चाहिए। हमने केवल स्व-उद्यम पर ही नहीं, बल्कि कौशल विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया है, जो अच्छे परिणाम दिखा रहा हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इंदौर में हाल ही में संपन्न मप्र के निवेशकों के शिखर सम्मेलन सहित सभी व्यावसायिक आयोजनों में रोजगार सृजन पर जोर दिया है। हम अधिकतम रोजगार सृजन के लिए युवाओं को स्वरोजगार और उद्योगपतियों के लिए प्रोत्साहित करना जारी रखेंगे।

छिंदवाड़ा मॉडल नजर आ रहा है
मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा है कि- कमलनाथ जी को बधाई इस उपलब्धि के लिए, कांग्रेस सरकार का नेतृत्व किया। मुझे यकीन है कि मैग्नीफिसेंट एमपी के बाद मप्र में और अधिक नौकरियां होंगी। छिंदवाड़ा मॉडल काम करता नजर आ रहा है।


भाजपा ने कहा- युवा हैं गवाह
वहीं, मध्यप्रदेश भाजपा के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा- देश में कोई भी एजेंसी ऐसी नहीं है जो बेरोजगारी का सही पता लगा सके। जिस सर्वे में बेरोजगारी कम होने की बात कही जा रही है क्यो वो सर्वे मध्यप्रदेश के युवाओं की राय लेकर तैयार किया गया है। मध्यप्रदेश के युवा इस बात के गवाह हैं कि मध्यप्रदेश में बेरोजगारी कम नहीं हुई है। लोगों को रोजगार नहीं मिला है।

Pawan Tiwari
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