मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 10 स्थानों पर 641 जोड़ों का होगा विवाह

KRISHNAKANT SHUKLA

Publish: Apr, 17 2018 03:55:30 PM (IST)

Bhopal, Madhya Pradesh, India
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 10 स्थानों पर 641 जोड़ों का होगा विवाह

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 18 को 641 नव युगल जोड़े दांपत्य सूत्र में बंधेंगे

भोपाल। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 10 स्थानों पर नगर निगम द्वारा 18 अप्रैल विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया है। इसमें 641 नव युगल जोड़े दांपत्य सूत्र में बंधेंगे। विवाहित कन्याओं को 25000 की राशि उनके खाते में अंतरित की जाएगी। विशेष तौर पर यह उल्लेखनीय है कि यह योजना पूर्णता निशुल्क है। इसमें किसी भी प्रकार की धनराशि किसी को भी देने की आवश्यकता नहीं है।

राशि की मांग की जाए तो थाने में दे सूचना

प्रशानस द्वारा यह अपील की गई है कि किसी के द्वारा राशि की मांग की जाए तो तत्काल लिखित सूचना जिला प्रशासन तथा संबंधित थाने में देना आवश्यक है। बतादें कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना (Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana) मध्य प्रदेश राज्य सरकार द्वारा लागू किया गया है। इसके अंतर्गत निर्धन कन्या,विधवाओं के सामूहिक विवाह हेतु परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। मुखयमंत्री कन्‍या विवाह योजना को वर्ष 2006 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रारम्भ किया गया था।

ऐसी हैं शिकायतें
बेटमा की युवती की शादी 2016 में हुई। कुछ दस्तावेजों की कमी बताकर उसको मिलने वाली राशि 17 हजार रुपए रोक दी गई। अब दोनों परिवारों (वर-वधू) के बीच खींचतान चल रही है। बात रिश्ता टूटने तक पहुंच गई है। पंचशीलनगर के दो पड़ोसी युवक-युवती का विवाह योजना के तहत हुआ। समग्र आईडी में कुछ गड़बड़ी का हवाला देकर अफसरों ने राशि रोक ली। अब वे चक्कर काट रहे हैं।
सांवेर क्षेत्र के तीन परिवारों की शिकायतें लंबित हैं। उन्हें कन्यादान योजना में मंगलसूत्र, पायजेब तो मिल गई, लेकिन दोनों तरह की नकद राशि अफसरों ने रोक ली। वे इसके लिए परेशान हो रहे हैं और अफसरों को कई बार गुहार लगा चुके हैं।

यूं टूट जाते हैं रिश्ते
अफसरों के मुताबिक, कुछ विवाह के मामले ऐसे भी सामने आए हैं, जिसमें लडक़ा-लडक़ी या उनके परिजन ने राशि व सामग्री के चक्कर में विवाह कर लिया। सामान तो वधू के साथ चला गया, लेकिन राशि को लेकर दोनों के परिवार वाले आमने-सामने हैं। उनके विवाद में भी राशि अटकती है और कई बार रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच जाता है। इसके चलते वर्ष 2006 से लागू हुई कन्या विवाह योजना की 2010 तक सामाजिक न्याय विभाग जिम्मेदारी संभाल रहा था, लेकिन 2011 से ये कार्य नगर निगम के अधीन हो गया। इसके बाद ही मुख्यमंत्री निकाह योजना भी शुरू हो गई। वर्ष 2013-14 से शुरू हुई निकाह योजना में अप्रैल से अब तक एक भी शादी नहीं हुई।

इनमें से कोई दस्तावेज नहीं हुआ तो अटकती है राशि
दूल्हा-दुल्हन की मार्कशीट, 18 और 21 वर्ष पूरे होने का प्रमाण पत्र, कन्या की समग्र आईडी, कन्या की बैंक की पासबुक, वर-वधू का जन्म प्रमाण पत्र, दोनों का आधार कार्ड, वोटर आईडी, दो पासपोर्ट साइज के फोटो, कन्या के माता-पिता का राशन कार्ड, दोनों के दो पासपोर्ट साइज के फोटो।

दो साल में हुए विवाह
वर्ष - विवाह
2015-16 500
2016-17 345

ये है मिलता शादी के बाद
- दिसंबर 2016 से कन्या को 17 हजार रुपए का चेक दिया जाता है।
- 3 हजार रुपए अलग से स्मार्ट फोन खरीदने के लिए दिए जाते हैं।
- 7 बर्तन, मंगलसूत्र और पायजब व बिछिया दी जाती है।

यह है विवाह की प्रक्रिया
किसी भी कन्या के विवाह के लिए आठ दिन पहले योजना के पोर्टल पर आवेदन पंजीकृत करवाना पड़ता है। यदि लडक़ी नगर निगम सीमा क्षेत्र में रहती है तो संबंधित जोन पर अन्यथा पंचायत क्षेत्र में आवेदन करना होता है।

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