scriptKharkiv stunned by Russian bombs, Shivani of Bhopal hiding in the base | रूस के बमों से दहला खार्किव, दूसरे विश्वयुद्ध के समय के बेसमेंट में जा छिपी भोपाल की शिवानी, अब तो खाना पीना भी हो रहा खत्म | Patrika News

रूस के बमों से दहला खार्किव, दूसरे विश्वयुद्ध के समय के बेसमेंट में जा छिपी भोपाल की शिवानी, अब तो खाना पीना भी हो रहा खत्म

- भांजियों की मामा से अपील, किसी तरह मदद कर उनको वहां से निकलवाएं, गृह विभाग सिर्फ सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाने तक सीमित
- यूक्रेन में लगा मार्शल लॉ लागू, 28 फरवरी की फ्लाइट थी शिवानी की, खार्किव मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ती है शिवानी, चार साल से यूक्रेन में है

भोपाल

Published: February 26, 2022 09:57:26 am

भोपाल. यूक्रेन रूस युद्ध में रहे भारतवासियों में मेडिकल के काफी छात्र-छात्राएं वहां फंसे है। भोपाल की शिवानी भी वहां फंसी हुई है। शिवानी ने मौका लगते ही परिजनों को बताया कि शुक्रवार को दिन भर रूस ने बम गिराए। आधा यूक्रेन रूस के कब्जे में पहुंच गया है। खार्किव शहर में रह रही शिवानी शुक्रवार और भोपाल के नजदीक की सुची व अन्य कई छात्र-छात्राओं के साथ दूसरे दिन बमबारी होने के बाद अपनी नौ माले की बिल्डिंग छोड़कर दूसरी बिल्डंग में पहुंच गए। वहां पर बेसमेंट के नीचे एक और बेसमेंट है, जो दूसरे विश्वयुद्ध के समय में बनाया गया था। उसी में जाकर ये लोग छिपे हैं। किसी तरह बात करने ऊपर आते हैं, बम की आवाज सुनते ही नीचे चले जाते हैं। शिवानी ने परिजनों को बताया कि अब तो बात करना ही मुश्किल होता जा रहा है। वे लोग बहुत बुरी तरह डरे हुए हैं। खाने पीने का सामान भी धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है। किसी तरह मोबाइल की बैटरी बचा रहे हैं।
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भोपाल की शिवानी, शिवानी खार्किव शहर में है, यहीं पर नेशनल मेडिकल युनिवर्सिटी है जहां वह पिछले चार साल से पढ़ाई कर रही है।, शिवराज सिंह चौहान से अपील की है कि वे अपनी भांजियों को वहां से निकालने में मदद करें
शिवानी ने अपनी चाची पुष्पा सिंह को बताया कि उन लोगों को वहां निकालने के लिए जल्द सरकार से बात करें। शिवानी खार्किव शहर में है, यहीं पर नेशनल मेडिकल युनिवर्सिटी है जहां वह पिछले चार साल से पढ़ाई कर रही है। इंडीयन एम्बेसी वहां से करीब 800 किलोमीटर दूर कीव में है। शिवानी की 28 फरवरी को फ्लाइट थी, लेकिन उससे पहले ही वहां बमबारी हो गई।

मामा से अपील, अपनी भांजियों को वहां से निकालें
शिवानी, सुची और वहां फसी मप्र की छात्राओं ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से अपील की है कि वे अपनी भांजियों को वहां से निकालने में मदद करें। उनके लिए दिल्ली स्थित एम्बेंसी में बात करें और जितनी जल्दी संभव हो उन्हें देश वापस बुलाया जाए।
वाट्सऐप ग्रुप बनाया गृह विभाग ने
गृह विभाग ने भोपाल और मप्र के छात्र-छात्राओं को मदद और उनके परिजनों को सूचना देने के लिए एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया है। परिजनों को दिन में एक बार फोन कर देते हैं, बाकी उनको वहां से निकलने के लिए क्या किया जा रहा है। इस पर कोई जवाब नहीं देते। परिजन यहां सीएम हेल्पलाइन में शिकायतें कर रहे हैं।

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