हर दिन 30 घरों में दस्तक

-कटोरी विधि से खिला रहे फाइलेरिया की दवा

 

By: Pushpam Kumar

Published: 27 Sep 2021, 02:58 PM IST

भोपाल. राज्य के फाइलेरिया प्रभावित 11 जिलों में से एक दतिया जिले में स्वास्थ्य अमला इसे पूरी तरह से समाप्त करने के अभियान में जुटा हुआ है। तीन हजार हेल्थ वर्कर की टीम हर दिन 30 घरों में दस्तक दे रही है। साथ ही अपने सामने कटोरी विधि से लोगों को फाइलेरिया की दवा खिला रही है। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग ने शत प्रतिशत फाइलेरिया उन्मूलन को ध्यान में रखकर 20 सितंबर को जिले में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एम.डी.ए) अभियान शुरू किया है। इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे जिले में लागू किया जा रहा है। अब तक विभाग ने 40 फीसदी से ज्यादा लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य पूरा कर लिया है। 2020 के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश के 11 जिलों में लिम्फोएडेमा(अंगों की सूजन) के 3224 और हाइड्रोसील (अंडकोष की थैली में सूजन) के 1162 मामले दर्ज किए गए हैं।

एक टीम में दस लोग

स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को सफल बनाने के लिए तीस टीम का गठन किया है। तीस सुपरवाइजर के नेतृत्व में हर टीम में दस लोग शामिल हैं। दवा खिलाने के दौरान किसी भी विषम परिस्थिति से निपटने के लिए रैपिड रेस्पोंस टीम तैनात रहेगी। इससे पहले कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग व ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज द्वारा अन्य सहयोगी संस्थाओं विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल के साथ मीडिया वर्कशाप का आयोजन किया था। ताकि लोग बीमारी की गंभीरता को समझ़े और जन समुदाय में इस संबंध में जागरूकता फैले।

गर्भवती व बीमार लोगों को नहीं दे रहे दवा

दो साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अति गंभीर बीमार लोगों को दवा नहीं खिलाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सभी लोगों को प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा अपने सामने मुफ्त में दवा खिलाने का काम किया जा रहा है। कोरोना की चुनौती को देखते हुए दवा खिलाने के लिए कटोरी विधि का प्रयोग किया जा रहा है।

Pushpam Kumar Desk
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