250 श्रमिक परिवारों ने राष्ट्रपति से मांगी इच्छा मृत्यु, मुख्यमंत्री से मांगी मदद

- आरवीआर कंपनी श्रमिकों को आठ माह से नहीं मिला वेतन

By: Amit Mishra

Updated: 28 May 2020, 01:16 PM IST

भोपाल। मंडीदीप औद्योगिक शहर के 250 श्रमिक परिवारों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की स्वीकृति देने की मांग की है। कर्मचारियों पत्र में लिखा है कि कंपनी प्रवंधन ने उन्हें 8 महीने से वेतन नहीं दिया है, वहीं लॉकडाउन के दो महीने से बाहर भी काम मिलना बंद हो गया है, ऐसे में श्रमिक परिवार भूखा मरने की स्थिति में आ गए हैं।

न्याय नहीं मिला
न्यू इंडस्ट्रियल एरिया स्थित आरवीआर टेक्नोलॉजी कंपनी प्रवंधन अपने यहां कार्यरत करीब 250 श्रमिकों को वेतन का भुगतान किये बिना कंपनी में ताला डालकर फरार हो गया है। श्रमिक बताते हैं कि उन्होंने प्रबंधन से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक गुहार लगा ली, कहीं से भी उन्हें न्याय नहीं मिला। थक हारकर उन्होंने देश के राष्ट्रपति से उन्हें दिलाने की गुहार लगाई है।

बिजली पानी की सुविधा की बंद-
कंपनी के वर्कर्स क्वाटर में करीब 110 श्रमिक परिवार रहते है, कंपनी प्रबंधन ने कंपनी बंद करने के साथ वर्कर क्वाटर की बिजली पानी की सप्लाई भी बंद कर दी है, इसके चलते श्रमिकों की दिन और रातें पेड़ की छांव में गुजर रहीं है। कर्मचारियों ने बताया कि प्रबंधन चाहता कि श्रमिक परिवार सुविधाओं के आभाव में यंहा से चले जाएं जिससे उनका हिसाब नहीं करना पड़े।

 

लॉकडाउन में दूसरों की मदद से हुआ गुजारा-
कंपनी के श्रमिक लॉकडाउन के दौरान भरण पोषण के लिए पूरी तरह से सामाजिक संगठनो द्वारा उपलब्ध कराई जा रही राशन सामग्री और भोजन पर निर्भर थे। वहीं प्रशासन द्वारा भी थोड़ा सूखा राशन उपलब्ध कराया गया

इनका कहना-
आरवीआर कंपनी के 250 परिवारों ने पत्र लिखकर देश के राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु मांगी है, क्योकि पिछले 8 महीने से हम सभी दर दर की ठोकरें खा रहे हैं, लेकिन हमें कहीं न्याय नहीं मिला।
संतोष कुमार मालवीय, पीड़ित श्रमिक

आरवीआर कंपनी के श्रमिकों के वेतन का मामला श्रम न्यायलय में चल रहा है, न्यायलय के निर्णय के बाद ही इसमे कुछ हो सकेगा।
केएम खीची, श्रम अधिकारी रायसेन

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