केंद्र की रिपोर्ट- सांसद आदर्श ग्राम में फंड की कमी, मध्यप्रदेश में GPDP नहीं जानते ग्रामीण

- सेंट्रल रिव्यू मिशन ने प्रदेश की चार योजनाओं पर उठाए सवाल
- पंचायत एंव ग्रामीण विकास विभाग की परफारमेंस रिपोर्ट

By: Alok pandya

Published: 03 Jan 2020, 09:22 AM IST

भोपाल। केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा दो माह पहले मध्यप्रदेश के दौरे पर भेजे गए सेंट्रल रिव्यू मिशन ने अपनी रिपोर्ट में मध्यप्रदेश के गांवों में चल रही चार योजनाओं पर सवाल उठाए हैं। मिशन ने ने कहा कि जीपीडीपी (ग्राम पंचायत विकास योजना )के बारे में ग्रामीणों को जानकारी ही नहीं है। ऐसे में गांवों को डवेलपमेंट प्लान कैसे तैयार किया जा रहा है।

केंद्र की टीम ने सिफारिश की है कि जीपीडीपी के मामले में मध्यप्रदेश को लोगों केा जागरूकता और प्रशिक्षण देना चाहिए। केंद्रीय टीम ने ग्र्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरईएसटीआई) पर सबसे ज्यादा सवाल उठाए गए हैं। सीआरएम टीम ने कहा है कि मध्यप्रदेश में इन प्रशिक्षण संस्थानों में न तो व्यवस्था है और ना ही ठीक से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। टीम ने यह भी कहा कि ग्रामीणों को प्रशिक्षण के लिए लंबे समय से फंड ही जारी नहीं किया गया है। यहां तक कि बैंक भी इस मामले में प्रशिक्षण को जारी रखने के लिए तैयार नहीं है।

 

इसके साथ ही टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में फंड की कमी से काम रुके हुए हैं। टीम ने कहा है कि हालांकि सांसद आदर्श ग्राम में कुछ काम हुए हैं, लेकिन इस समय सांसदों द्वारा गोद लिए गए गांवों को डिमांड के हिसाब से पैसा नहीं मिल रहा है। केंद्रीय टीम ने मनरेगा का रिव्यू करते हुए कहा है कि इस येाजना के तहत सौ दिन का रोजगार नहीं मिल रहा है। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि गांव में लोगों को साल में सौ दिन का रोजगार जरूर मिले। टीम ने दीनदयाल ग्रामीण कौशल येाजना के पुराने ढर्रे पर भी सवाल उठाए हैं। टीम ने सिफारिश की है कि इस योजना के तहत नए-नए कौशलों में प्रशिक्षण की जरूरत है।

इन दो योजनाओं की तारीफ-

सीआरएम ने मध्यप्रेदश में मनरेगा के तहत चल रही दो योजनाओं की तारीफ की है। इसमें कुंए खोदने के की योजना कपिलधारा और नदी पुनर्जीवन योजना शामिल है। सीआरएम ने कहा है कि कपिलधारा के तहत प्रदेश में 1299 कुंए खोदे गए जिसमें 7.6 लाख श्रमिक दिवस का रोजगार मिला। वहीं नदी पुनर्जीवन योजना में कनर्वजेंस रजिस्टर को मेंटन किया जा रहा है।

इन योजनाओं पर संतोष-

केंद्रीय टीम ने प्रदेश की चार योजनाओं पर संतोष जताया है। इसमें प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, रूर्बन मिशन, एनएसएपी, शामिल है।

इन राज्यों में गया था मिशन-

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा गठित पांचवे रिव्यू मिशन ने देश के 8 राज्यों का दौरा किया था। इसमें मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, मेघालय, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, केरल और मणिपुर शमिल है। मध्यप्रदेश में यह टीम नवंबर के पहले सप्ताह में पहुंची थी। टीम ने बालाघाट, इंदौर और खंडवा जिले का दौरा करके वहां चल रही ग्रामीण विकास की योजना को जमीनी स्तर पर देखा था।

Alok pandya Reporting
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