BHOPAL के किन्नर बोले- अलग से बनाओं हमारे लिए शौचालय, आयोग का करो गठन

नवाबों के दौर से रहने वाले किन्नर अब नकली किन्नरों से परेशान हो रहे हैं। मंगलवारा क्षेत्र में रहने वाले किन्नर सदियों से नेग मांगकर अपना पेट भरने का काम कर रहे हैं।

By: Manish Gite

Published: 19 Jan 2017, 01:43 PM IST


भोपाल। नवाबों के दौर से रहने वाले किन्नर अब नकली किन्नरों से परेशान हो रहे हैं। मंगलवारा क्षेत्र में रहने वाले किन्नर सदियों से नेग मांगकर अपना पेट भरने का काम कर रहे हैं। ऐसे में इनकी चिंता भी जायज है कि शहर में इन दिनों नकली किन्नर अवैध रूप से शहर में वसूली कर रहे हैं। इनमें कई पुरुष हैं जो किन्नर के भेष में लोगों से अवैध वसूली कर रहे हैं। इन नकली किन्नरों से परेशान असली किन्नरों का कहना है कि इससे हमारी बदनामी हो रही है।

यह आरोप भोपाल में रहने वाले किन्नरों की गुरु सुरैय्या ने लगाकर प्रशासन को हैरान कर दिया है। सुरैय्या ने बताया है कि भोपाल में रहने वाले किन्नर मात्र तीन सौ हैं, बाकी सब नकली हैं। नकली किन्नर अवैध वसूली करके हमें बदनाम कर रहे हैं। जबकि हम परंपरागत तरीके से नेग मांगते हैं और लोगों को दुआएं देते हैं।


नकली किन्नरों की धरपकड़ की मांग
राजधानी के किन्नरों से बुधवार को ही जिला कोर्ट के रजिस्ट्रार विपिन लवानिया को आवेदन देकर नकली किन्नरों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।


किन्नर आयोग की गठन हो
शहर के किन्नरों ने जिला न्यायालय को ज्ञापन देकर एक किन्नर आयोग के गठन की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि हमारा हेल्थ चेकअप, शिक्षा, सुरक्षा और रोजगार दिलाने के लिए यह आयोग हमारी मदद करेगा और हमारी जरूरतों को समझेगा।



संविधान में किन्नरों को भी बराबरी का दर्जा
भोपाल के मंगलवारा क्षेत्र में शहर के किन्नरों के लिए विधिक साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। यह आयोजन कादम्बिनी शिक्षा व समाज कल्याण समिति और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में मजिस्ट्रेट विपिन लवानिया ने किन्नरों को यह जानकारी दी कि संविधान में किन्नरों को भी बराबरी का हक दिया गया है। किन्नर पढ़ाई-लिखाई के साथ ही नौकरी भी कर सकते हैं। बिजनेस भी कर सकते हैं, वहीं समाज के साथ सामान्य जीवन जी सकते हैं, इसलिए किन्नरों को अलग-थलक नहीं समझा जाना चाहिए। किन्नरों के आधार कार्ड और मुफ्त इलाज भी संभव है। शिविर में जिला विधिक सेवा अधिकारी अनुज कुमार चंसौरिया के मुताबिक जल्द ही किन्नरों को भी पैरालीगल वालेंटियर बनाया जाएगा।


यह भी बोले किन्नर
1. किन्नरों ने कहा कि असामाजिक तत्व हमें देखकर परेशान करने लगते हैं। रास्ते में चलते समय लोग तरह-तरह के कमेंट्स करते हैं। वहीं साधारण सा दिखने वाले व्यक्ति का भी हमें देखकर व्यवहार ही बदल जाता है। 
2. शहर के सुलभ काम्प्लेक्सों में किन्नरों के लिए भी स्थान तय होना चाहिए।
3. किन्नरों के फोटो युक्त आईडेंटिटी कार्ड बनवाए जाना चाहिए, ताकि विवाह उत्सवों के लिए नेग मांगने वाले सही किन्नरों की पहचान हो सके।


Manish Gite
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