मध्यप्रदेश में स्कूल, कॉलेज से लेकर राशन की दुकानें तक बंद, अलर्ट पर प्रशासन

मध्यप्रदेश में स्कूल, कॉलेज से लेकर राशन की दुकानें तक बंद, अलर्ट पर प्रशासन

Faiz Mubarak | Publish: Sep, 06 2018 11:08:43 AM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

— सवर्ण संगठनों का मध्यप्रदेश बंद, 45 से ज्यादा जिलों में हाई अलर्ट
— ग्वालियर—चंबल बना आंदोलन का केंद्र, रीवा और दूसरे जिलों में भी असर

भोपालः एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में सवर्ण समाज के संगठनों के बुलाए गए बंद का व्यापक असर मध्यप्रदेश में सुबह से नजर आ रहा है। स्कूल, कॉलेज से लेकर व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद हैं। संगठन के लोग रैलियां निकाल रहे हैं और बंद को व्यापक बनाने में जुटे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर बंद का असर यह है कि मध्यप्रदेश के कई शहरों में दूध तक नहीं बंटा है, वहीं सब्जी मंडियों में कारोबार पूरी तरह से प्रभावित रहा। इंदौर और ग्वालियर की सब्जी मंडियों में कारोबार नहीं हुआ है। हालांकि प्रशासन अलर्ट मोड पर है और सड़कों पर घूम रहा है। कई जगहों पर आंदोलनकारियों की रैलियों की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। प्रदेश के ज्यादातर जिलों में धारा 144 लागू है। हालांकि सुरक्षा के मद्देनज़र रात तक सभी राज्यों को हाई अलर्ट पर ले लिया गया है। अगर बात करें राजधानी भोपाल की, तो सिर्फ यहीं सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस के 3000 जवानों को हर गली चौराहे पर तैनात किया गया है। साथ ही, एसएएफ की 34 कंपनियां जिनमें 6,000 नव आरक्षक हर गली चौराहे पर तैनात हैं।

सरकारी भवनों की हो रही कड़ी निगरानी

प्रशासन की ओर से सभी सरकारी भवनों पर विशेष नज़र रखी जा रही है। इनमें मुख्यमंत्री निवास, बीजेपी कार्यालय, मंत्रालय और गृह मंत्री के बंगले शामिल हैं। इसके अलावा शहर के हर मुख्य इलाकों को अधिकारी कंट्रोल रूम से सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। प्रशासन ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में कहीं भी विरोध करने वाले विरोध कर सकते हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं है, लेकिन विरोध शांतिपूर्ण ढंग से होना चाहिए। अगर प्रदर्शनकारियों द्वारा किसी तरह की भी व्यवस्थाएं अवरुद्ध की गईं या उग्र आंदोलन करने की कोशिश की गई तो उनपर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, यह निर्देश राजधानी भोपाल के लिए लागू नही किए गए हैं। यहां किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन या रैली पर भी रोक लगी है।

एयतियादन दिए गए यह निर्देश

भारत बंद के दौरान राजधानी भोपाल समेत मध्य प्रदेश के ज्यादातर स्कूल-कॉलेज की छुट्टी घोषित की गई है। एहतियाद के तौर पर प्रदेशभर के पेट्रोल पंप बंद कर दिए गए हैं। बाजारों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। हालांकि, भोपाल में शाम 4:00 बजे तक हालात व्यवस्थित रहे तो पेट्रोल पंप खोल दिए जाएंगे, ताकि प्रदेश की आम जनता को ज्यादा परेशानियों का सामना ना करना पड़े।

मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ने की शांति की अपील

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने प्रदेश के लोगों से बंद के दौरान शांति बनाए रखने की अपील की है। गृहमंत्री ने कहा है कि पुलिस पूरी तरह से शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम कर रही है। ऐसे में सभी लोग अपना प्रदर्शन शांति पूर्वक ही करें। प्रदेश शांति का टापू है, इसके मिजाज को बिगाड़ने की कोशिश न करें। अगर किसी ने ऐसा किया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

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