scriptLegal bets screw on Panchayat elections, the election hinges on the op | पंचायत चुनाव पर कानूनी दांव पेंच, विधि विशेषज्ञों की राय पर टिका चुनाव | Patrika News

पंचायत चुनाव पर कानूनी दांव पेंच, विधि विशेषज्ञों की राय पर टिका चुनाव

- पंचायत विभाग के पीएस ने दी आयोग को अध्यादेश के संबंध में जानकारी

- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने सोमवार को मप्र चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचे

भोपाल

Published: December 27, 2021 10:25:49 pm

भोपाल। पंचायत चुनाव कानूनी दांव पेंच में उलझ गया है। अब विधि विशेषज्ञों की राय पर चुनाव का भविष्य टिका हुआ है। जिसका चुनाव आयोग को इंतजार है। चुनाव आयोग ने अपने वकीलों को अध्यादेश की वापसी और सुप्रीम कोर्ट के फसले के संबंध में सोमवार को 12 बजे अवगत कराते हुए उनसे विधिक राय मांगी है। अब चुनाव लीगल ओपीनियन पर टिका हुआ है। जिसका आयोग को देर शाम तक इसका इंतजार बना रहा।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने सोमवार को मप्र चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचे। आयोग के आयुक्त बसंत प्रताप सिंह और सचिव बीएस जामोद को अध्यादेश वापसी के संबंध में जानकारी दी। आयोग ने जिन बिंदुओं पर लीगल ओपीनियन मांगा है उसमें अध्यादेश वापस लेना तो है ही।
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इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के आदेश जिसमें यह कहा गया है कि चुनाव जारी रखा जाए, अगर चुनाव निरस्त होते हैं तो चुनाव कब कराया जाए। चूंकि आयोग की चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई है तो क्या इसे निरस्त किया जा सकता है अथवा नहीं, वहीं 3 जनवरी को सुप्रीमकोर्ट इस मामले में सुनवाई करेगा, इसके पहले चुनाव निरस्त करना जरूरी है। इसके अलावा जिन लोगों ने नामांकन पत्र भर दिया है, अगर वह सीटें ंआरक्षित होती है तो उनका क्या होगा।


पिछले तीन दिनों से असमंजस में जनता
आम जनता और जन प्रतिनिधि असमंजस में हैं। जिन लोगों ने प्रथम और दूसरे चरण के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर चुनाव प्रचार में जुट गए हैं वे भी अब परेशान हैं। इसके अलावा उम्मीदवारों ने चुनाव प्रचार सामग्रियां भी खरीद ली है। वाहन, टेंट, कार्यलय बुक कर चुके हैं। चूंकि प्रथम चरण के चुनाव 10 दिन बाद होना है, इसके चलते निर्वाचन अधिकारियों ने भी चुनाव से जुड़ी तैयारियों, जैसे टेंट, भोजन व्यवस्था, मतदान दल के लिए वाहन की व्यवस्था कर ली थी। चुनाव निरस्त होने के बाद इनके आदेश और एडवांस निरस्त करना होगा।

ओबीसी आरक्षण के लिए समय मांगा
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने ओबीसी आरक्षण के लिए समय मांगा है। जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार मप्र राज्य निर्वाचन आयोग ने ओबीसी सीटों को आरक्षण के संबंध में एक हफ्ते का समय दिया था। पंचायतीराज आयुक्त आलोक कुमार सिंह ने आज आयोग के आयुक्त बसंत प्रताप सिंह से ओबीसी आरक्षण में लगने वाले समय सीमा के संबंध में अवगत कराया।

राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन अध्यादेश-2021 वापस लेने संबंधी जानकारी आयोग को प्राप्त हो गई है। इस विषय पर विचार के लिए आयोग में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की गई है। सिंह ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग इस विषय पर लीगल ओपीनियन ले रहा है। लीगल ओपीनियन के आधार पर ही आयोग पंचायत निर्वाचन के संबंध में जारी प्रक्रिया के बारे में निर्णय लेगा।
बसंत प्रताप सिंह, मप्र राज्य निर्वाचन आयुक्त

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