मोबाइल पर गेम खेलने के दौरान आई लिंक ने तबाह की दो मासूमों की जिंदगी

पोर्न लिंक पर क्लिक कर दोनों नाबालिगो ने भी अनजाने में किया वैसा ही कृत्य।

By: Amit Mishra

Updated: 01 Jun 2020, 02:01 PM IST

भोपाल। शहर में मोबाइल पर आन लाइन गेम खेलने के दौरान आयी एक लिंक ने एक ही परिवार के दो मासूमों की जिंदगी तबाह कर दी। लिंक पर क्लिक करते ही ओपन हुए पोर्न वीडियो को देख दोनों बच्चों ने भी अनजाने में वैसा ही कृत्य करना शुरू कर दिया। कुछ दिन पहले बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों को उसके गर्भवती होने की बात पता चली। पुलिस के मुताबिक क्षेत्र में रहने वाले युवक की पत्नी का बेटे के जन्म के डेढ वर्ष बाद देहांत हो गया था। युवक ने दूसरी शादी की और उनकी एक 13 वर्षीय बेटी है। बच्ची 7वी कक्षा में पढ़ती है, जबकि सौतेला भाई 9वीं कक्षा का छात्र है।

8 माह की गर्भवती
माता-पिता प्राइवेट काम करते हैं और वे रोज सुबह बच्चों को घर पर छोड़कर अपने काम पर चले जाते थे। करीब 10 दिन पहले बेटी को तबीयत बिगड़ने पर परिजन एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डाक्टर ने परिजनों को बताया कि बेटी 8 माह की गर्भवती है। यह सुनते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

 

घर पर रखे स्मार्ट फोन के कारण दो जिंदगियां हो गई तबह
माता-पिता काम पर जाने के दौरान बच्चों का हालचाल पता करने के लिए हमेशा घर पर एक स्मार्ट फोन रखकर जाते थे। परिजनों ने घर पर बेटी से पूछताछ कि तो उसने बताया कि जून 2019 में दोनों भाई-बहन मोबाइल पर आन लाइन गेम खेल रहे थे। फोन पर बार-बार किसी लिंक के नोटिफिकेशन आ रहे थे। पहले तो दोनों ने लिंक को इग्नोर किया, फिर दोबारा वहीं लिंक आने पर उन्होंने उसे क्लिक कर दिया। लिंक ओपन होते ही मोबाइल पर पोर्न वीडियो चालू हो गया। अनजाने में वीडियो अनुसार दोनों ने भी करीब 3-4 बार वैसे ही कृत्य किया।

 

दोबारा बिगड़ी तबीयत तो मिल गई पुलिस को सूचना
शुक्रवार को तबीयत बिगड़ने पर परिजन बेटी को लेकर एक शासकीय अस्पताल पहुंचे थे। बच्ची की उम्र काफी कम होने पर डाक्टरों को शंका हुई और अस्पताल से पुलिस को सूचना दे दी गई। चूनाभट्टी पुलिस ने परिजनों और मासूमों की काउंसलिंग की। पुलिस ने पाक्सो एक्ट के तहत नाबालिग भाई पर दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है।


परिजनों को करना पडेगा बच्चों को अवेयर
कोरोना संकट के कारण देशभर में शिक्षण संस्थान बंद हैं। बच्चों को घर पर ही स्मार्ट फोन से आनलाइन क्लास अटेंड करने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में परिजनों के लिए भी यह जरूरी हो गया है कि वह स्मार्ट फोन देने से पहले स्वयं बच्चों को जागरूक करे कि उनके लिए क्या जरूरी है और क्या नहीं। साथ ही बच्चों को स्मार्ट फोन का ठीक ढंग से इस्तेमाल करना सिखाएं।

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